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Indore sirpur lake: इंदौर की सिरपुर लेक एक बार फिर प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो चुकी है. साइबेरिया, मंगोलिया, रूस और चीन जैसे ठंडे देशों से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर लाखों पक्षी यहां ठहरते हैं. वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के अनुसार, यहां का साफ पानी इन्हें सुरक्षित वातावरण देता है, जिससे यह स्थान प्रजनन के लिए भी सही रहता है. सुबह और शाम का समय इन रंग-बिरंगे परिंदों को करीब से देखने के लिए सबसे बेस्ट है.
Indore News: इंदौर के पश्चिमी इलाके में स्थित सिरपुर लेक हर साल की तरह इस बार भी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से गुलजार हो चुकी है. अत्यधिक ठंडे इलाकों से आए इन मेहमानों की चहचहाहट देखते ही बनती है. यहां की आबो हवा की वजह से यह दुनिया भर के परिंदों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन जाता है. सिरपुर की लहरों पर आपको ये रंग बिरंगे पक्षी अठखेलियां करते दिख जाएंगे.
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रितेश खाबिया ने बताया कि सितंबर से ही यहां लाखों की तादात में पक्षी आना शुरू होते हैं और अप्रैल तक सिरपुर तालाब ही इनका ठिकाना रहता है. यहां का पानी और इसके आसपास की वनस्पति इन पक्षियों को भरपूर भोजन और सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे यह प्रजनन के लिए भी महफूज जगह रहती है. तालाब में मौजूद जलीय पौधे, कीड़े-मकौड़े और छोटी मछलियां इन मेहमानों का मुख्य आहार हैं।.
दरअसल, जब साइबेरिया, मंगोलिया, रुस और चीन समेत ठंडे यूरोपीय देशों में बर्फबारी शुरू होती है. तब ये इलाके वीरान हो जाते हैं और खाना मिलना मुश्किल हो जाता है, तब ये नन्हे परिंदे हजारों मील का लंबा और जोखिम भरा सफर तय कर भारत के कुछ इलाकों में आते हैं जिसमें से इंदौर का सिरपुर तालाब एक प्रमुख जगह है.
इन पक्षियों का ठिकाना
यहां मुख्य रूप से रुडी शेल्डक यानी सुर्खाब आते हैं, इनका केसरिया रंग और सुनहरी चमक झुंड में बैठने पर तालाब की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है. लंबी गर्दन और अनोखी चोंच वालेपिनटेल और शोवलर साइबेरिया से यहां आते हैं. दुनिया के सबसे ऊंचे उड़ने वाले पक्षियों में से एकबार-हेडेड गूज राजहंस हर साल हिमालय को पार कर यहां पहुंचते हैं. काले रंग के गोताखोर कॉमन कूट और कॉर्मोरेंट भी यहां हर साल लंबा सफर तय कर यहां आते हैं.
अपने अद्भुत वातावरण के लिए सिरपुर को रामसर साइट घोषित किया गया है. इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की वेटलैंड माना गया है यानी यह स्थान पक्षियों के रहने और प्रजनन के लिए सबसे सुरक्षित जगह है. अगर आप भी इस नज़ारे का आनंद लेना चाहते हैं तो सुबह या शाम का वक्त सबसे उचित रहता है जब ये पक्षी किनारे पर लहरों का आनंद लेने आते हैं.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें