फिक्सिंग मामले में फिर उछला धोनी का नाम! कोर्ट ने दिए 10 लाख जमा कराने के निर्देश

फिक्सिंग मामले में फिर उछला धोनी का नाम! कोर्ट ने दिए 10 लाख जमा कराने के निर्देश


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फिक्सिंग मामले में उछला धोनी का नाम! कोर्ट ने दिए 10 लाख जमा कराने के निर्देश

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MS Dhoni defamation suit: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज महेंद्र सिंह ने साल 2013 बेटिंग स्कैंडल मामले में मद्रास हाई कोर्ट में 100 करोड़ के मानहानी का केस दायर किया है. इस मामले में अब कोर्ट ने धोनी को ही 10 लाख रुपए जमा कराने का आदेश दिया है. धोनी को ये पैसे उनके द्वारा सबूत के तौर पर पेश किए गए सीडी को डिकोड करने में खर्च के लिए मांगा गया है.

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एमएस धोनी को कोर्ट ने दिए 10 लाख जमा कराने का आदेश

नई दिल्ली: आईपीएल 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर से चर्चा में हैं. इस फिक्सिंग में एमएस धोनी के नाम भी उछाला गया था. उस दौरान धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान थे. ऐसे में उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट में 100 करोड़ के मानहानी का केस दायर किया था. इस केस में धोनी की तरफ से सबूत के तौर पर कोर्ट में एक सीडी भी पेश की है. इसी सीडी को लेकर अब मद्रास हाई कोर्ट ने उन्हें 10 लाख रुपए जमा कराने का फरमान सुनाया है.

धोनी को यह राशि उन पुरानी सीडी के अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन के खर्च के लिए तय की गई है, जिनमें 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ी कथित अपमानजनक सामग्री मौजूद है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि धोनी इस मामले में वादी यानी केस करने वाले हैं, इसलिए सबूतों को कोर्ट के समझने योग्य भाषा में पेश करने की जिम्मेदारी और उसका खर्च उन्हीं का है.

धोनी को कोर्ट में पेश होने से मिली है छूट

जस्टिस आर.एन. मंजुला ने इस काम को काफी चुनौतीपूर्ण बताया और कहा कि हिंदी में मौजूद न्यूज क्लिपिंग्स और डिबेट्स का अनुवाद करने में एक अनुवादक और टाइपिस्ट को कम से कम 3 से 4 महीने का समय लगेगा. यह कानूनी लड़ाई साल 2014 से चल रही है, जिसे धोनी ने जी मीडिया, सुधीर चौधरी और आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार जैसे पक्षों के खिलाफ अपनी छवि खराब करने के आरोप में दायर किया था.

हालांकि, कोर्ट ने सुरक्षा कारणों और धोनी की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी है और उनकी गवाही दर्ज करने के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया है. अब ट्रायल शुरू करने के लिए इन दस्तावेजों का अनुवाद होना जरूरी है, जिसके लिए कोर्ट ने आधिकारिक अनुवादक की मदद लेने और उसका पूरा खर्च धोनी द्वारा वहन किए जाने का आदेश दिया है.

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Jitendra Kumar

अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें



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