मंदसौर में पशुपतिनाथ प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार शाम मंदिर सभागार में हुई, जिसमें आगामी महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, विधायक विपिन जैन, एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर, नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर सहित तमाम अधिकारी और मंदिर समिति सदस्य मौजूद रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा पर वज्र लेपन के पश्चात श्रद्धालु सीधे प्रतिमा पर जल अर्पित नहीं कर सकेंगे, बल्कि निर्धारित जलपात्र के माध्यम से ही जल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करेंगे। इस व्यवस्था से प्रतिमा की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। महाशिवरात्रि को लेकर विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां
आगामी महाशिवरात्रि पर्व के सफल आयोजन को लेकर सभी संबंधित विभागों को समय सीमा में तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभालेगा। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा। नगर पालिका साफ-सफाई, पेयजल, घाटों पर जाली लगाने और चूना लाइन की व्यवस्था करेगी। एमपीईबी विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। पीडब्ल्यूडी बेरिकेडिंग की जिम्मेदारी संभालेगा। होमगार्ड विभाग गोताखोर एवं नदी सुरक्षा प्रबंधन की व्यवस्था करेगा। आरती मंडल की व्यवस्थाओं और प्रसादी वितरण की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारियों को मिलेगा ग्रेच्युटी और बीमा लाभ
मंदिर के तीन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद श्रम कानून के तहत ग्रेच्युटी राशि के भुगतान का निर्णय लिया गया। साथ ही कर्मचारियों को राज्य बीमा निगम (ESIC) का लाभ और स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। मंदिर परिसर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए सफाई मशीन क्रय करने की स्वीकृति दी गई। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए 10 मेटी रोल खरीदने की अनुमति भी प्रदान की गई। पशुपतिनाथ लोक होगा प्लास्टिक मुक्त
बैठक में पशुपतिनाथ लोक को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने का सामूहिक निर्णय लिया गया। लोक परिसर में संचालित दुकानों को सुव्यवस्थित करने तथा धार्मिक सामग्री को प्राथमिकता से रखने के निर्देश दिए गए। तापेश्वर महादेव मंदिर में मार्बल बदलने के निर्देश भी दिए गए, जिसके लिए निर्माण एजेंसी नियुक्त करने पर सहमति बनी। महाशिवरात्रि से पूर्व व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए समिति द्वारा निरंतर समीक्षा किए जाने की बात भी कही गई है।
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