एमपी के टॉप IPS अधिकारियों की करोड़ों की संपत्ति उजागर! किसके पास सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी?

एमपी के टॉप IPS अधिकारियों की करोड़ों की संपत्ति उजागर! किसके पास सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी?


भोपाल. मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करोड़ों की अचल संपत्तियों के मालिक हैं. इन घोषणाओं में कृषि भूमि, शहरी प्लॉट, फ्लैट, कमर्शियल प्रॉपर्टी और विरासत में मिली जमीन शामिल हैं. दस्तावेजों के अनुसार कुछ अधिकारियों को इन संपत्तियों से वेतन से भी अधिक वार्षिक आय हो रही है. संपत्ति का यह ब्योरा पारदर्शिता नियमों के तहत सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा है, जिसे हर वर्ष सेवा में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को देना अनिवार्य होता है. आईपीएस अधिकारियों द्वारा केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण से यह स्पष्ट हुआ है.

संपत्ति विवरण में जहां कई अधिकारियों ने अपनी और परिवार के नाम दर्ज अचल संपत्तियों की जानकारी दी है, वहीं जेल महानिदेशक स्तर के एक अधिकारी द्वारा पूर्व में घोषित लगभग 8 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति का हालिया विवरण में उल्लेख न किए जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं. हालांकि आधिकारिक रूप से इस पर स्पष्टीकरण लंबित है. कुल मिलाकर इन खुलासों ने एक बार फिर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की परिसंपत्तियों को लेकर चर्चा को तेज कर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स पर टॉप अफसरों की संपत्तियां 

अधिकारी वर्तमान पद घोषित अचल संपत्ति अनुमानित वार्षिक आय
अजय कुमार चेयरमैन, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन 11.65 करोड़ रु. 3.82 लाख रु.
उपेंद्र कुमार जैन डीजी, ईओडब्ल्यू 8.39 करोड़ रु. लगभग 3.25 लाख रु.
वरुण कपूर डीजी, जेल 4.43 करोड़ रु. 5.12 लाख रु.
जयदीप प्रसाद एडीजी, एससीआरबी 5.32 करोड़ रु. 74 लाख रु. से अधिक
अनिल कुमार स्पेशल डीजी, महिला शाखा 4.88 करोड़ रु. 13.52 लाख रु.

अजय कुमार की संपत्तियां
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अजय कुमार के पास 11.65 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति घोषित है. भोपाल के बावड़िया कला में प्लॉट, दिल्ली की साउथ ईस्ट फ्रेंड्स कॉलोनी में फ्लैट और चंदनपुरा स्थित फार्म हाउस प्रमुख संपत्तियां हैं. दिल्ली स्थित फ्लैट से मासिक किराया आय दर्ज है. इसके अलावा कोलार की अरण्य वैली सोसायटी में पत्नी के नाम भूमि भी शामिल है.

उपेंद्र कुमार जैन की कृषि और शहरी संपत्ति
ईओडब्ल्यू के डीजी उपेंद्र कुमार जैन ने इंदौर और बड़वाह में कृषि भूमि घोषित की है. टीटी नगर भोपाल में आवासीय मकान भी उनके संपत्ति विवरण में दर्ज है. कृषि भूमि से वार्षिक आय का भी उल्लेख किया गया है.

वरुण कपूर और संपत्ति विवाद
डीजी जेल वरुण कपूर ने 4.43 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जिसमें इंदौर और भोपाल स्थित मकान, कृषि भूमि और कमर्शियल प्लॉट शामिल हैं. हालांकि पूर्व में अरेरा हिल्स स्थित लगभग 10 हजार वर्गफीट जमीन का विवरण दिया गया था, जिसका हालिया घोषणा में उल्लेख न होने से सवाल उठे हैं. इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण अपेक्षित है.

जयदीप प्रसाद की बहुराज्यीय संपत्तियां
एडीजी एससीआरबी जयदीप प्रसाद के पास मध्यप्रदेश के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी संपत्तियां दर्ज हैं. कृषि भूमि, फ्लैट और औद्योगिक प्लॉट से उन्हें उल्लेखनीय वार्षिक आय हो रही है. उनके विवरण में कई संपत्तियां पत्नी और परिवार के नाम पर हैं.

अनिल कुमार की शहरी और कृषि निवेश
स्पेशल डीजी महिला शाखा अनिल कुमार ने भोपाल, सीहोर, नोएडा और दिल्ली में संपत्तियों की घोषणा की है. इनमें कृषि भूमि, फ्लैट और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. कुछ संपत्तियों पर ऋण भी दर्शाया गया है.

पारदर्शिता नियम और कानूनी प्रावधान
अखिल भारतीय सेवा नियमों के तहत आईपीएस अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण केंद्रीय कार्मिक विभाग को देना अनिवार्य है. इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है. यदि किसी संपत्ति का विवरण छूट जाता है तो संबंधित अधिकारी को स्पष्टीकरण देना पड़ता है. इन खुलासों ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के स्वामी हैं, जिनमें से अधिकांश निवेश कृषि और रियल एस्टेट क्षेत्र में है.



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