‘आरोपी पड़ोसी मेरी सास घर से घसीटकर ले गया था। आंखों के सामने उनकी गर्दन काट दी। पड़ोसी का सिर धड़ से अलग कर दिया। अगर मैं जाती, तो मुझे भी मार डालता।’
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यह कहते हुए राधा सिंह की जुबान लड़खड़ा जाती है। राधा सिंह की आंखों में वारदात का मंजर तैर रहा है। वह दो घंटों को नहीं भूल पा रहीं। सिंगरौली के जियावन थाना क्षेत्र के अतरवा गांव में 12 फरवरी की सुबह उसकी सास फूल कुमारी (50) और कमल सिंह (65) की हत्या कर दी गई। वहीं, सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह घायल हो गए। दोनों बैढ़न जिला अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने आरोपी छत्रपति सिंह (21) को गिरफ्तार कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने पूछताछ के लिए आरोपी को रिमांड पर लिया है।
पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि आरोपी ने बेरहमी से दोनों की हत्या की है। कुल्हाड़ी से कमल सिंह के शरीर पर 25 से 30 और महिला पर 10 से 15 वार किए गए हैं। दोनों के गर्दन, कंधे और छाती पर गहरे घाव हैं। हालांकि महिला का सिर धड़ से अलग नहीं हुआ, लेकिन काटने का प्रयास किया गया था।
दैनिक भास्कर की टीम ने दिल दहलाने वाली वारदात की तह तक जाने के लिए एसडीओपी गायत्री मिश्रा से बात की। साथ ही, आरोपी की पत्नी शांता , मां और मृतका की बहू राधा सिंह से बात की। राधा सिंह ने पूरी आंखोंदेखी बताई।
घर के आंगन में दोनों के शव पड़े थे।
बचाने जाती, तो मुझे भी मार डाला
मृतक फूलकुमारी की बहू राधासिंह ने बताया कि गुरुवार को पुरुष सदस्य शादी में गए थे। मैं और सास घर में सो रहे थे। अलसुबह करीब 4 बजे पड़ोसी छत्रपति ने दरवाजा खटखटाया। सास फूलकुमारी ने दरवाजा खोला। छत्रपति ने कहा कि घर में पूजा है, तुम चलो। सास ने यह कहकर मना कर दिया कि इतनी जल्दी पूजा नहीं करते। मैं नहीं आऊंगी। यह कहते हुए दरवाजा बंद करने की कोशिश की। यह कहते ही आरोपी ने सास को चिमटे से पीटना शुरू कर दिया। करीब 20 फीट दूर तक अपने घर के आंगन तक घसीटकर ले गया।
वारदात के वक्त आरोपी के घर उसकी पत्नी शांति और मां हीरा काली भी थे। उसके पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। आंगन में लाकर सास को चिमटे से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर मैं भी पहुंच गई। आरोपी के हाथ में कुल्हाड़ी थी। वह सास की गर्दन पर लगातार ताबड़तोड़ वार कर रहा था। सास मुझसे बचाओ–बचाओ चिल्लातती रही, लेकिन मेरी हिम्मत आगे आने की नहीं हुई। उसके सिर पर खून सवार था। अगर मैं जाती, तो वह मुझे भी मार डालता। डर के मारे वहां खेत के पास छिप गई।
कुछ देर में शोर सुनकर पड़ोसी कमल सिंह भी दौड़कर आ गए। उन्होंने सास को बचाने के लिए आरोपी के हाथ से कुल्हाड़ी छुड़ाने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी सास को छोड़ कमल सिंह पर टूट पड़ा। उनकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में गर्दन धड़ से अलग कर दी। दो घंटे तक मौत का तांडव चलता रहा। डर के मारे आवाज भी नहीं निकली।

राधा सिंह ने बताया कि आरोपी के सिर पर खून सवार था।
दूसरे पड़ोसी के घर पहुंचकर भी पीटा
राधा सिंह ने बताया कि शाेर सुनकर आरोपी की पत्नी शांति और मां हीरा सिंह निकली। आरोपी ने धमकाकर दोनों को अंदर भगा दिया। डर के मारे दोनों बाहर नहीं निकले। दोनों को मारने के बाद खून से सना हुआ आरोपी दूसरे पड़ोसी सुमित्रा सिंह के घर पहुंचा। उसे भी सोते से जगाया। सुमित्रा ने दरवाजा खोला। वह भी उसे पीटने लगा। आवाज सुनकर घर के अंदर सोया उसका देवर रामभजन बाहर आया। आरोपी ने उसे भी पीटा। इसके बाद आरोपी अपने घर के अंदर चला गया। सुबह करीब 6 बजे गए थे। इसी बीच, किसी ने बारात में गए लोगों को कॉल कर दिया। थोड़ी देर में बारात में गए लोग वापस आ गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। करीब 6:30 बजे पुलिस भी पहुंची।
चबूतरे के पास पड़े थे दोनों के शव
एसडीओपी गायत्री मिश्रा ने बताया कि जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर अतरवा गांव में 20 बाय 30 का कच्चा मकान है। घर में बाहर आंगन है। यहां छोटा सा चबूतरा बना था। उस पर बड़ा सा चिमटा गढ़ा हुआ था। चबूतरे पर चार नारियल भी रखे थे। वहां कुछ सिंदूर भी रखा था। एक नारियल के पास केमल सिंह की गर्दन अलग पड़ी थी। पास ही उसका धड़ पड़ा था। वहीं, फूलकुमारी का शव भी पड़ा था।
मकान में अंदर दो कमरे और रसोई है। एक कमरे में मां, पत्नी और आरोपी बैठे थे। अंदर से कुंडी लगा ली थी। पहले कुछ पुलिसकर्मी ही मौके पर गए थे। आरोपी से दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफल नहीं हुए। आशंका थी कि आरोपी के पास हथियार है, वह पुलिसकर्मियाें पर भी हमला कर सकता है। इस कारण करीब 20 से ज्यादा जवान बुलाए गए। आरोपी भाग नहीं जाए, इसलिए चारों ओर से घेराबंदी कर दी गई।
गांव वालों ने भी बाहर समझाने की कोशिश की, तब कहीं जाकर ढाई घंटे बाद 9 बजे हीरा बाई ने दरवाजा खोला। आरोपी के हाथ में चबूतरे में गाढ़ने वाला चिमटा था। शव के पास आंगन में छोटा सा कच्चा चबूतरा बनाया हुआ था। अभी दो दिन पहले बनाया था। इस पर चार नारियल रखे थे। अगरबत्ती और कुछ सिंदूर रखा था। केमल का सिर नारियल के नजदीक रखा था। धड़ थोड़ी दूर पड़ा था।

पुलिस ने ढाई घंटे के प्रयास के बाद आरोपी को पकड़ा।
पत्नी बोली- दो दिन पहले बनाया था चबूतरा
आरोपी की पत्नी शांति ने बताया कि छत्रपति पहले कभी पूजा नहीं करता था। करीब एक महीने से पूजा–पाठ करने लगा था। गर्भपात के बाद पति चिड़चिड़ा और हिंसक हो गया था। कई बार मेरे साथ भी मारपीट की थी। वहीं, आरोपी की मां हीरा काली ने बताया कि हमारी हिम्मत नहीं हुई कि बेटे को बाहर निकलकर रोक सकें। वह हमें ही मार डालता। हम घर के अंदर छिपे रहे। उसका दिमाग खराब हो गया था।
जादू–टोने के शक में वारदात
एसडीओपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसके पिता की मौत हुई थी। वहीं, करीब डेढ़ महीने पहले पत्नी का ढाई महीने का गर्भपात हो गया। उसे शक था कि फूलकुमारी ने जादू–टोना करती है। इसी वजह से परिवार पर संकट आया है। पिछले एक हफ्ते से वह मानसिक रूप से परेशान था। दो दिन पहले ही उसने पूजा-पाठ के लिए घर के आंगन में मिट्टी का छोटा सा चबूतरा बनाया था।

घटना के बाद गांव में भीड़ जमा हो गई।
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