पोषण आहार का काम महिलाओं से छीनने का विरोध: नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-लखपति बनाने के सपने दिखाए थे, अब करोड़पतियों को काम सौंप रहे – Bhopal News

पोषण आहार का काम महिलाओं से छीनने का विरोध:  नेता प्रतिपक्ष सिंघार बोले-लखपति बनाने के सपने दिखाए थे, अब करोड़पतियों को काम सौंप रहे – Bhopal News




विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला स्व-सहायता समूहों को लखपति बनाने के सपना दिखाकर पोषण आहार बनाने का काम उनसे वापस लेने और करोड़पति लोगों को सौंपने पर सवाल उठाए हैं। सिंघार ने कहा है कि करोड़ों का काम स्व-सहायता समूहों से छीने जाने से उनकी जीविका पर असर होगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिला स्व-सहायता समूहों को सपने दिखाते रहे कि लखपति बनाएंगे। बेचारी महिलाएं लखपति तो बनीं नहीं, उनके महिला समूहों से अब पोषण आहार का काम छीना जा रहा है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अब तक यह काम कर रही थीं। यह करोड़ों का काम है। महिलाओं के अधिकारों और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के बीच जो रास्ता निकाला गया था, बीजेपी सरकार अब उसमें उन लखपतियों के बजाय उन करोड़पतियों को काम दे रही है, जो पहले से ही करोड़पति हैं। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने सवाल किया है कि क्या पोषण आहार का काम महिलाओं के पास रहेगा? या करोड़पति लोगों को सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि महिला और बाल विकास विभाग के माध्यम से राज्य सरकार अब पोषण आहार का काम महिला स्व-सहायता समूहों से वापस लेकर एक कम्पनी को देने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर जल्दी ही कैबिनेट में प्रस्ताव आने वाला है। सिंगरौली में आदिवासी युवक की हत्या के मामले में सरकार को घेरा उधर एक्स पर किए गए एक ट्वीट में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली में आदिवासी युवक की पिटाई के बाद हत्या के मामले में सरकार को घेरा है। एक्स पर सिंघार ने लिखा है कि भाजपा सरकार आदिवासियों के नाम पर “गौरव दिवस” का ढोंग कर रही है, जिसकी क्रूर सच्चाई सिंगरौली से सामने आई। सिंगरौली में आदिवासी युवक विष्णु बैगा की पीट-पीटकर हत्या अत्यंत दर्दनाक, अमानवीय और निंदनीय है। सिर्फ जूते पहनकर गुजरने जैसी मामूली बात पर एक आदिवासी युवा को लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मार देना सभ्य समाज पर कलंक है। क्या मध्यप्रदेश में आदिवासियों का जीवन इतना सस्ता हो गया है? यह घटना बताती है कि प्रदेश में कमजोर, गरीब और आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। क्या यही भाजपा सरकार का “सबका साथ, सबका विकास” है?



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