Last Updated:
भोपाल में स्टेट टाइगर फोर्स और अन्य एजेंसियों ने मिलकर बड़ी कार्रवाई की है और 311 दुर्लभ जीवित कछुओं को जब्त किया है. इस मामले में एक आरोपी को भी किया गिरफ्तार किया गया है. मामले की लगातार जांच हो रही है और पूछताछ भी की जा रही है.
भोपाल स्टेशन पर जब्त किए गए कछुए
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. एक अंतरराज्यीय गिरोह ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास डिब्बों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश तक दुर्लभ और लुप्तप्राय कछुओं की तस्करी करने के लिए कर रहा था. मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF), रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और भोपाल फॉरेस्ट डिवीजन ने मिलकर गैर-कानूनी वाइल्डलाइफ ट्रैफिकिंग पर बड़ी कार्रवाई की है. फॉरेस्ट अधिकारियों ने AC फर्स्ट-क्लास कोच से 311 कछुए जब्त किए हैं.
फॉरेस्ट अधिकारियों ने कछुए 19322 पटना-इंदौर एक्सप्रेस से भोपाल के संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन पर जब्त किए. कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा बताया जा रहा है कि वन्यजीव तस्कर उत्तर प्रदेश में गंगा, गोमती और उनकी सहायक नदियों से कुछए लाते थे और उन्हें एसी डिब्बों में छिपाकर मध्य प्रदेश पहुंचाया था. अधिकारियों ने 311 कछुए कोच अटेंडेट अजय सिंह राजपूत से बरामद किए हैं. इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि तस्कर कोच अटेंडेंट की भी मदद भी लेते रहे हैं.
कम जगह में रखे गए थे कछुए
अधिकारियों द्वारा जो भी कछुए बरामद किए गए हैं. वह क्राउन्ड रिवर टर्टल, इंडियन टेंट टर्टल और इंडियन रूफ्ड टर्टल शामिल थे. ये सभी वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के 1972 के तहत सुरक्षित हैं. अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि कछुओं को कम जगह में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था और उनमें पानी की कमी साफ दिखाई दे रही थी.