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Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि पर भव्य और दिव्य सजावट की जा रही है, जिसमें पांच देशों से 40 प्रकार के विदेशी फूल मंगवाए गए हैं. पूरे मंदिर परिसर को नटराज मंदिर की थीम पर सजाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को अनोखा आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा. कर्नाटक के उद्योगपति कृष्णमूर्ति रेड्डी पिछले 12 वर्षों से महाकाल मंदिर में विशेष साज-सज्जा करवाते आ रहे हैं और इस बार भी पूरा खर्च स्वयं उठा रहे हैं. महाशिवरात्रि पर करीब 10 लाख भक्तों के उज्जैन पहुंचने की संभावना जताई गई है. जानिए इस बार महाकाल के दरबार में क्या खास होने वाला है और कैसी होगी दिव्य सजावट.
Ujjain Mahakal Decoration: मध्यप्रदेश के श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि कुछ अलग ही होने वाली है. उज्जैन में शिव नवरात्रि की धूम पहले से ही मची हुई है, लेकिन इस बार बाबा महाकाल का दरबार ऐसा सजेगा कि भक्त देखते रह जाएंगे. पूरे मंदिर परिसर को नटराज मंदिर की थीम पर तैयार किया जा रहा है और खास बात ये है कि सजावट के लिए पांच देशों से करीब 40 किस्मों के विदेशी फूल मंगवाए गए हैं.
5 देशों से मंगवाए गए खास फूल
कर्नाटक के प्रसिद्ध उद्योगपति कृष्णमूर्ति रेड्डी इस भव्य सजावट का पूरा खर्च खुद उठा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सिंगापुर, हांगकांग, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड और इंडोनेशिया से खास प्रजाति के फूल मंगवाए गए हैं. गर्भगृह को केले के पत्तों और रंग-बिरंगे फूलों से पारंपरिक अंदाज में सजाया जा रहा है. नंदी हॉल को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध नटराज मंदिर की थीम पर तैयार किया जा रहा है, जिससे भक्तों को अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा.
10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
महाशिवरात्रि पर देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. हर साल की तरह इस बार भी भक्त दर्शन के साथ सेवा और दान के जरिए अपनी आस्था व्यक्त करेंगे. कृष्णमूर्ति रेड्डी पिछले 12 सालों से महाकाल मंदिर में विशेष सजावट करवाते आ रहे हैं. इस बार वे पर्व से दो दिन पहले 210 कारीगरों की टीम के साथ उज्जैन पहुंचे हैं.
करोड़ों की आस्था, लाखों का खर्च
पिछले साल सजावट पर करीब 30 लाख रुपये खर्च हुए थे. इस बार खर्च का पूरा आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन तैयारी देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि भव्यता और भी ज्यादा होगी. रेड्डी हर साल तिरुपति बालाजी मंदिर और महाकाल मंदिर में विशेष साज-सज्जा करवाते हैं. उनका कहना है कि यह सब बाबा महाकाल की कृपा से ही संभव है.
भक्तों को मिलेगा दिव्य अनुभव
इस बार महाकाल का दरबार सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बनने जा रहा है. विदेशी फूलों की खुशबू और नटराज थीम की भव्यता भक्तों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति देगी.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें