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महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री की शादी को लेकर बड़ा संकेत दिया. उन्होंने कहा कि वे अगली बार उनके विवाह में शामिल होना चाहेंगे. इस बयान के बाद चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
जगदगुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बागेश्वर धाम में हलचल बढ़ गई है.
भोपाल/ छतरपुर . महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने धार्मिक आयोजन को अचानक व्यक्तिगत चर्चा का विषय बना दिया. सैकड़ों जोड़ों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब मंच से आशीर्वचन चल रहे थे, तभी जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने मुस्कुराते हुए ऐसी टिप्पणी कर दी जिसने उपस्थित संत समाज, श्रद्धालुओं और अनुयायियों के बीच हलचल पैदा कर दी. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वे इस सामूहिक विवाह में शामिल हुए हैं, उसी तरह वे भविष्य में धीरेंद्र शास्त्री के विवाह में भी उपस्थित होना चाहेंगे. यह वाक्य सुनते ही पंडाल तालियों से गूंज उठा और माहौल में उत्सुकता भर गई.
समारोह का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना था, लेकिन मंच से आए इस संकेत ने आयोजन को एक नया आयाम दे दिया. बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उस समय मंच पर मौजूद थे और टिप्पणी सुनकर भावुक दिखाई दिए. उनका गला भर आया और उन्होंने संतों, अतिथियों तथा श्रद्धालुओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम समाजसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा. हालांकि अब तक उनकी ओर से विवाह को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
क्या कहा जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने
आशीर्वचन के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सामूहिक विवाह की पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के कमजोर वर्गों को सम्मान देते हैं और दहेज जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने में मदद करते हैं. इसी क्रम में उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की ओर संकेत करते हुए कहा कि वे अगली बार उनके विवाह में शामिल होने की कामना रखते हैं. यह टिप्पणी औपचारिक घोषणा नहीं थी, लेकिन इसे शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
क्यों बार बार उठता है शादी का सवाल
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री युवा पीढ़ी में लोकप्रिय आध्यात्मिक वक्ता माने जाते हैं. बड़ी संख्या में उनके अनुयायी हैं और वे परिवार व्यवस्था तथा सनातन मूल्यों पर खुलकर विचार रखते हैं. ऐसे में जब भी उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा कोई संकेत सामने आता है, वह तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है. पूर्व में भी उन्होंने कहा था कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण संस्कार है, लेकिन समय और परिस्थितियां अनुकूल होने पर ही निर्णय लिया जाएगा. यही कारण है कि हर बार आया कोई भी बयान चर्चा को तेज कर देता है.
मंच पर भावुक क्षण, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
समारोह के दौरान जब यह टिप्पणी हुई, तो मंच पर मौजूद धीरेंद्र शास्त्री कुछ क्षणों के लिए भावुक नजर आए. उपस्थित लोगों के अनुसार उन्होंने संयमित मुस्कान के साथ प्रतिक्रिया दी. सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक आयोजन के बीच आया यह व्यक्तिगत संदर्भ श्रद्धालुओं के लिए यादगार पल बन गया. सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं और समर्थकों के बीच कयासों का दौर शुरू हो गया है. इस पूरे घटनाक्रम का एक व्यापक सामाजिक संदेश भी है. संत परंपरा में गृहस्थ जीवन को धर्म और समाज की स्थिरता का आधार माना गया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि धार्मिक आयोजनों में दिए गए ऐसे संदेश सामाजिक विमर्श को नई दिशा दे सकते हैं. हालांकि फिलहाल किसी औपचारिक घोषणा का इंतजार बना हुआ है.
बागेश्वर धाम का यह आयोजन सामाजिक सेवा और धार्मिक परंपरा का संगम बनकर सामने आया. जहां एक ओर सैकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, वहीं दूसरी ओर एक टिप्पणी ने धीरेंद्र शास्त्री की निजी जिंदगी को लेकर नई बहस छेड़ दी. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या भविष्य में इस संकेत को वास्तविक रूप मिलता है या नहीं.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें