मिल गया डबल इनकम का फॉर्मूला! सरकार खुद सीखा रही महंगे फूलों की खेती, सब्सिडी भी मिलेगी

मिल गया डबल इनकम का फॉर्मूला! सरकार खुद सीखा रही महंगे फूलों की खेती, सब्सिडी भी मिलेगी


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Flower Farming. इंदौर में ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार इन दिनों फूलों की खुशबू से महक रहा है. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने प्रदर्शनी लगाई है. इसका उद्देश्य किसानों को पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ाकर फूलों की खेती से जोड़ना है, जिससे उनकी आय दोगुनी हो सके. यहां ग्लेडियोलस, जरबेरा, बोनसाई, देसी और हाइब्रिड गुलाब समेत हजारों प्रजातियों के फूल प्रदर्शित किए गए हैं.

Indore News. इंदौर का ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार फूलों की खुशबू से महक रहा है. उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में परंपरागत खेती से हटकर किसानों को फूलों की खेती के प्रति बढ़ावा देकर उनकी आय दोगुना करना है. अगर आप भी एक किसान हैं या बागवानी के शौकीन हैं तो प्रशासन खुद आपकी इसमें मदद करेगा.

उद्यान विभाग के उप संचालक त्रिलोकचंद वास्कले ने बताया कि इस प्रदर्शनी का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी और एकीकृत बागवानी विकास मिशन से जोड़ना है. सरकार चाहती है कि किसान गेहूं-चना जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फूलों की खेती को अपनाएं, क्योंकि इसमें प्रति एकड़ मुनाफा कहीं ज्यादा है. यहां विशेषज्ञों की ओर से सिखाया जा रहा है कि कैसे कम लागत में फूलों की पैदावार बढ़ाकर अपनी आय को दोगुना किया जा सकता है.

 हाट बाजार में सजे हैं फूलों के अनगिनत रंग
इस प्रदर्शनी में फूलों की ऐसी-ऐसी किस्में देखने को मिल रही हैं, जो आमतौर पर मंडियों में कम दिखती हैं. यहां ग्लेडियोलस, जरबेरा, बोनसाई और लैंडस्केपिंग जैसे फूल हैं जिनकी मांग शादियों में सबसे ज्यादा रहती है और ये महंगे बिकते हैं‌ साथ ही देसी और हाइब्रिड गुलाब की 3 हजार से ज्यादा प्रजातियां रखी गई हैं‌. वहीं गेंदा, गुलदाउदी और पिटूनिया की सघन खेती के तरीके यहाँ लाइव दिखाए जा रहे हैं. वास्कले के मुताबिक सीज़नल और सामान्य फूलों की प्रति एकड़ 40 से 50 हज़ार की लागत आती है, जबकि 2 लाख तक का मुनाफा होता है. वहीं महंगी किस्म के फूलों का 1 एकड़ का खर्चा करीब 1.5 लाख होता है लेकिन 3 से ₹4 लाख का मुनाफा इसमें हो जाता है.

अगर आप फूलों की खेती करना चाहते हैं तो यहां पूरी मदद की जा रही है. विशिष्ट स्टोर पर बनाई गई हेल्पडेस्क के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत किसानों को प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए सब्सिडी की जानकारी भी दी जा रही है. यहीं पर वैज्ञानिकों द्वारा मिट्टी परीक्षण और कीट नियंत्रण और खेती के आधुनिक तरीके सिखाने लिए प्रशिक्षण देते हुए फूलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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