नीमच में मंगलवार को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लोन न चुकाने पर दो दुकानों को सील कर दिया। मंगलवार को बैंक ने यह कदम SARFAESI एक्ट, 2002 के तहत कोर्ट के आदेश पर उठाया और पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों दुकानों पर भौतिक कब्जा ले लिया। जानकारी के मुताबिक, एलआईसी ऑफिस के सामने स्थित एक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर बनी दो दुकानों पर प्रॉपर्टी लोन लिया गया था। ये दुकानें जगदीश चंद्र रामचंद्र बेरवा और शिव शक्ति पात्र भंडार के नाम पर थीं। दोनों दुकानों पर 50-50 लाख रुपए का लोन था। लंबे समय से किस्तें न चुकाने के कारण बैंक की कुल एक करोड़ रुपए की राशि बकाया हो गई थी। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब बैंक के मैनेजर विवेक चौहान ने बताया कि उधारकर्ताओं को समय-समय पर नोटिस भेजे गए और खुद मिलकर पैसे जमा करने को कहा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पहले दुकानों पर नोटिस चिपकाए गए और चेतावनी दी गई कि अब इन पर बैंक का अधिकार है। ताले तोड़कर लिया कब्जा तय समय सीमा के अंदर भी भुगतान न होने पर बैंक की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। कोर्ट के आदेश से दुकानों के ताले तोड़े गए और बैंक ने अपना कब्जा जमा लिया। कार्रवाई के दौरान काफी भीड़ जमा हो गई और आसपास के व्यापारियों में भी इसकी चर्चा रही। अब होगी नीलामी बैंक अधिकारियों ने साफ किया है कि अब इन दुकानों की कीमत का आकलन (वैल्यूएशन) कराकर इनकी सार्वजनिक नीलामी की जाएगी। नीलामी से जो पैसा मिलेगा, उससे बैंक अपना कर्ज वसूल करेगा। अगर पैसा ज्यादा मिला तो बचा हुआ हिस्सा मालिक को लौटा दिया जाएगा, और अगर कम रहा तो बाकी वसूली के लिए दूसरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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