बैतूल जिले के कोठीबाजार क्षेत्र के गांधी चौक पर वर्षों से स्थापित अशोक स्तंभ और गांधी प्रतिमा को हटाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए। कांग्रेसजनों के धरने से मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और चक्काजाम की स्थिति बन गई है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नगरपालिका प्रशासन गांधी चौक क्षेत्र में अंडरग्राउंड पार्किंग निर्माण का कार्य कर रहा है। इसी के तहत शुक्रवार सुबह जेसीबी की मदद से अशोक स्तंभ को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन जैसे ही यह जानकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगी, वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस बोली- स्मारक का अपमान हुआ
विरोध का नेतृत्व कांग्रेस ओबीसी प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक हेमंत वागदरे ने किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह गांधी चौक से राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वह राष्ट्रीय स्मारक का अपमान है। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर मनमानी और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति अनादर दर्शाता है। कांग्रेस ने इसे नगरपालिका प्रशासन की ज्यादती बताया और सीएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। धरने के चलते गांधी चौक से होकर गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा शुरू कर दी है। बता दे कि गांधी चौक पर कांग्रेसी हर राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहराते रहे हैं। गांधी ने यहां संबोधित किया था
गौरतलब है कि गांधी चौक का ऐतिहासिक महत्व है। 30 नवंबर 1930 को महात्मा गांधी खेड़ी होते हुए यहां पहुंचे थे और सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। उस समय सभा की अध्यक्षता दीपचंद गोठी ने की थी। इसी सभा में के. एम. धर्माधिकारी ने जिले की ओर से महात्मा गांधी को 401 रुपए की थैली भेंट की थी। तभी से यह स्थल गांधी चौक के नाम से प्रसिद्ध हुआ। गांधी प्रतिमा की स्थापना 2 अक्टूबर 2007 को तत्कालीन सांसद विजय कुमार खंडेलवाल द्वारा भूमिपूजन से शुरू हुई थी। प्रतिमा का अनावरण 27 अगस्त 2008 को सांसद हेमंत खंडेलवाल ने किया था। उस समय विधायक शिवप्रसाद राठौर भी मौजूद थे। अब प्रशासन द्वारा इस स्थल को अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए विकसित करने की योजना के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसका कांग्रेस और स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है। फिलहाल पुलिस की समझाइश के बाद भी प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ बनी हुई है।
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