Public Opinion: 20,000 करोड़ का गेमचेंजर या सिर्फ कागजी घोषणा? जानें MP की जनता की बड़ी मांगें

Public Opinion: 20,000 करोड़ का गेमचेंजर या सिर्फ कागजी घोषणा? जानें MP की जनता की बड़ी मांगें


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MP Budget 2026 Public Opinion: मध्यप्रदेश में 20 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट को लेकर जनता की उम्मीदें बढ़ गई हैं. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 17 फरवरी को बजट पेश करेंगे, जिसमें स्वास्थ्य, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं. बालाघाट की जनता ने दवाइयों पर टैक्स कम करने, सरकारी अस्पताल सुधारने और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की मांग की है. व्यापारी टैक्स में राहत चाहते हैं, जबकि लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महंगाई पर नियंत्रण की बात कर रही हैं. अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस बजट में जनता को कितनी राहत देती है.

MP budget2026 Public Demand: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है. ऐसे में 17 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा इस वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करने वाले है. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बजट लगभग 20 हजार करोड़ का हो सकता है. इससे पहले राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अभिभाषण दिया, जिस पर आज चर्चा होगी. उनके भाषण में विकसित मध्य प्रदेश, लाड़ली बहना और महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश, रोजगार अहम बिंदु रहे. ऐसे में लोकल 18 बालाघाट की जनता से बातचीत की और समझने की कोशिश की वह इस बार के बजट से क्या चाहते हैं.

लोग बोले- स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो
बालाघाट के रहने वाले चित्रसेन पटले कहते हैं कि इस बार का बजट सभी वर्गों को खुश करने वाला हो. ऐसे में खास तौर से सरकार को टैक्स पर छूट देनी चाहिए, जिससे आम आदमी की पहुंच से जरूरी चीजें दूर न हो. लग्जरी चीजें को छोड़ दैनिक उपयोग की चीजों पर टैक्स कम होना चाहिए. खास तौर से दवाइयों पर टैक्स नहीं लगना चाहिए. वहीं, मेडिकल सुविधाएं भी बेहतर होना चाहिए. दवाइयों की बनाने की लागत तो कम होती है लेकिन अंतिम लोगों तक पहुंचने तक यह काफी महंगी हो जाती है. वहीं, मेडिकल टेस्ट करवाना हो तो भी भारी खर्च आ जाता है. सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए. सरकारी अस्पताल को बेहतर करना चाहिए और प्राइवेट अस्पताल की मनमानी पर रोक लगानी चाहिए.

आदिवासियों के लिए योजनाएं तो बनती है लेकिन जमीन पर क्या
आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले ललित उइके का कहना है कि आदिवासियों के नाम पर सरकार ढेरों योजनाएं लेकर आती है लेकिन ये आदिवासी योजना तक नहीं पहुंच पाती है. प्रधानमंत्री जनमन योजना तो है लेकिन जमीन पर क्या. इसके अलावा और भी कई योजनाएं है. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. सरकार को ध्यान देना चाहिए कि कहीं ये भ्रष्टाचार का साधन तो नहीं है.

युवा बोले- अब रोजगार दो प्राइवेट हो या गवर्मेंट
पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार की तलाश कर रहे आकाश ठाकरे कहते हैं कि सरकार को युवाओं के रोजगार देने पर ध्यान देना चाहिए. सरकार हर बार तो अपने बजट में रोजगार की बात करती है तो ये समस्या कम क्यों नहीं होती है. सरकार को इस पर सोचना चाहिए. सरकार को सरकारी और प्राइवेट नौकरियों के बारे में सोचना चाहिए. ग्रामीण स्तर पर अच्छे रोजगार आने चाहिए. लघु उद्योंगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. इससे युवा और आम नागरिक को राहत मिलेगी.

व्यापारी बोले- टैक्स कम हो और बिक्री बढ़े
बालाघाट के इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी देवेंद्र का कहना है कि सरकार को ऐसा बजट लाना चाहिए, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारी खुश हो और टैक्स कम होना चाहिए, जिससे मंदी कम हो और बिक्री बढ़े.

लाड़ली बहना बोली- महंगाई कम हो
बालाघाट की रहने वाली लाडली बहना योजना की लाभार्थी द्रौपदी बरमैया का कहना है कि सगा भाई पैसे नहीं देता और सरकार देती है. ऐसे में ये योजना तो ठीक है लेकिन महंगाई का क्या. इधर सरकार पैसे देती है और उधर महंगाई से वसूल भी लेती है. सरकार पैसे बढ़ाए या न बढ़ाए लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर ध्यान देना चाहिए.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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