सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन: 4 राशियों के जीवन में आएगा भूचाल, बचाव के उपाय

सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन: 4 राशियों के जीवन में आएगा भूचाल, बचाव के उपाय


उज्जैन. हिंदू परंपरा में ज्योतिष विद्या का विशेष स्थान है. मान्यता है कि जब भी ग्रह अपनी चाल बदलते हैं, चाहें वो राशि परिवर्तन हो या नक्षत्र परिवर्तन, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर दिखाई देता है. फरवरी का महीना इसी कारण बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस दौरान कई महत्वपूर्ण ग्रह स्थितियां बदलने वाले हैं. इसी अनुसार, 19 फरवरी सूर्य राहु के आधिपत्य वाले शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. सूर्य आत्मबल, पद और प्रतिष्ठा के कारक हैं जबकि शतभिषा नक्षत्र रहस्यमयी और परिणामकारी प्रभावों के लिए जाना जाता है. ऐसे में यह गोचर कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, कार्यक्षेत्र में दबाव या पारिवारिक उलझनें बढ़ा सकता है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि इस दौरान किन राशियों के जातकों को नकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे और किन उपायों से राहत मिलेगी.

कर्क- सूर्य के शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश के बाद कर्क राशि के जातकों के जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है. विशेष रूप से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं और व्यापार में नुकसान होने की संभावना बन रही है. दुर्घटना के योग भी बन सकते हैं, इसलिए इस दौरान सावधानी जरूरी है, खासकर अपनी बातों और वाणी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है क्योंकि छोटी सी बात भी बड़े विवाद या परेशानी का कारण बन सकती है. इस समय संयम और सतर्कता अपनाना शुभ रहेगा.

कन्या- इस राशि के लिए कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां थोड़ी संवेदनशील रह सकती हैं. ऑफिस की राजनीति या अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखना ही समझदारी होगी. मन अशांत रहेगा, जिससे लंबे समय तक उदासी बनी रहेगी. घर का माहौल भी खराब हो सकता है. ऑफिस में काम करने का मन नहीं करेगा. इस दौरान काम अटक सकते हैं. नौकरीपेशा जातकों को विरोध का सामना करना पड़ सकता है.

वृश्चिक- राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश वृश्चिक राशि के लिए मानसिक अस्थिरता ला सकता है. आत्मविश्वास में कमी और भावनात्मक असंतुलन महसूस हो सकता है. यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और करियर से जुड़े बड़े निर्णय बिना सलाह के न लें. दुर्घटना के योग भी बन सकते हैं, इसलिए इस दौरान सावधानी जरूरी रखें.

मीन- इस राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन प्रगति में रुकावट पैदा कर सकता है. शुभ कार्यों में भी मन स्थिर नहीं रहेगा, जिससे उदासी और बेचैनी महसूस हो सकती है. घरेलू वातावरण तनावपूर्ण हो सकता है और ऑफिस में काम के प्रति उत्साह कम रहेगा. किसी भी प्रकार के विवाद से दूरी बनाकर रखें और धैर्य के साथ समय बिताएं.

जरूर करें ये उपाय
प्रतिदिन प्रातःकाल उगते सूर्य को जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है. सूर्य मंत्रों का नियमित जाप आत्मबल बढ़ाता है और ग्रहों के प्रतिकूल प्रभावों को कम करता है. साथ ही जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र या अन्नदान करें, जिससे अशुभ प्रभाव से बचा जा सके.



Source link