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Ksheeradhara Gram Yojana: ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ आने वाले समय में पशुपालकों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है और गांवों में नई श्वेत क्रांति का रास्ता खोल सकती है. आइए इसके बारे में ज्यादा जानकारी जान लेते हैं…
Ksheeradhara Gram Yojana: मध्य प्रदेश में पशुपालन को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है. ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ के तहत राज्य के 124 गांवों का चयन किया गया है, जहां अब संगठित तरीके से दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाएगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर श्वेत क्रांति लाना और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. सरकार उन गांवों को ‘क्षीर धारा ग्राम’ के रूप में विकसित करेगी, जहां पहले से पशुपालन बड़े स्तर पर किया जा रहा है. इस योजना में खंडवा जिले के 8 गांवों को भी शामिल किया गया है, जो जिले के पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है. खंडवा जिला कृषि और पशुपालन के लिए जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में किसान दूध उत्पादन से जुड़े हुए हैं. चयनित गांवों में रुस्तमपुर, बबई खुर्द, पिपलोद खास, अहमदपुर खेगांव, चिचगोहन, रायपुर, खारकला और जामुन्याकला शामिल हैं.
दूध विक्रेता संघ के उपाध्यक्ष नवनीत अग्रवाल ने Local 18 से बातचीत में बताया कि इस योजना के तहत चयनित गांवों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे. पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु, हरे चारे की व्यवस्था और आधुनिक पशुपालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे दूध उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी होगी और पशुपालकों की आय में सीधा लाभ मिलेगा. योजना के तहत सिर्फ दूध उत्पादन ही नहीं, बल्कि गौमूत्र और गोबर के बेहतर प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा. इनसे जैविक खाद और अन्य उत्पाद तैयार कर किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा. अगले तीन वर्षों में इन गांवों को दुग्ध उत्पादन के मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.
आचार्य विद्यासागर योजना और कामधेनु योजना
पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. हेमंत शाह के अनुसार, आचार्य विद्यासागर योजना और कामधेनु योजना के माध्यम से पशुपालकों को 5 से 25 उन्नत नस्ल के पशु पालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके लिए किसानों को सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा. इसके साथ ही पशु स्वास्थ्य, पोषण और नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. सरकार की इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे पशुपालकों को स्थायी आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ आने वाले समय में पशुपालकों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है और गांवों में नई श्वेत क्रांति का रास्ता खोल सकती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें