किसान का अपना स्टोरेज 1,70,000 में होगा तैयार, सरकार दे रही 87 हजार, अब घर में नहीं सड़ेगी प्याज

किसान का अपना स्टोरेज 1,70,000 में होगा तैयार, सरकार दे रही 87 हजार, अब घर में नहीं सड़ेगी प्याज


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किसान का अपना स्टोरेज 1,70,000 में तैयार, सरकार दे रही 87000, नहीं सड़ेगी प्याज

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अक्सर प्याज इफरात हो जाती है. फिर किसान को उचित दाम नहीं मिलते तो वह उसे स्टोर कर लेते हैं. बड़े किसानों को तो दिक्कत नहीं, लेनिक छोटे किसान फंस जाते हैं. वो प्याज घर पर रख देते हैं, जहां वो सड़ जाती है. ऐसे में नुकसान होता है. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा. प्याज उगाने वाले छोटे किसान भी अपना स्टोरेज बनवा सकते हैं. इसमें मध्य प्रदेश सरकार भी उनकी मदद कर रही है. जानें ये खास योजना…

प्याज सुरक्षित रखने का तरीका: मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र, खासकर खंडवा में बड़े पैमाने पर प्याज की खेती की जाती है. लेकिन, अक्सर किसान सही भंडारण की सुविधा नहीं होने के कारण नुकसान झेलते हैं. कई बार किसान प्याज को घर में स्टोर कर लेते हैं, लेकिन मौसम के असर से प्याज सड़ जाती है. फिर उचित भाव नहीं मिल पाता. ऐसे में अब किसान देसी जुगाड़ से प्याज भंडारण (प्याज हाउस) बनाकर अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं. खास बात ये कि इस भंडारण को बनाने में सरकार भी सब्सिडी के जरिए मदद कर रही है.

कम लागत में तैयार हो रहा प्याज हाउस
LOCAL 18 से बातचीत में किसान राजू पटेल ने बताया, उन्होंने कम लागत में देसी तकनीक से प्याज भंडारण तैयार किया है. इस प्याज हाउस में जालीदार संरचना बनाई जाती है, जिससे हवा का सही प्रवाह बना रहता है और प्याज खराब नहीं होती. इस संरचना में मार्च-अप्रैल के दौरान प्याज स्टोर की जाती है. ये प्याज गर्मी और ठंड के मौसम में सुरक्षित रहती है. इससे किसानों को तुरंत कम कीमत पर प्याज बेचने की मजबूरी नहीं होती और वे बेहतर भाव मिलने पर बाजार में बेच सकते हैं.

सरकार दे रही 87 हजार रुपये 
राजू पटेल ने बताया कि उनके प्याज भंडारण की कुल लागत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये आई थी, जिसमें उन्हें मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 87 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिली. इससे किसानों के लिए यह संरचना बनाना आसान हो गया है. अब सरकार आधुनिक और हाईटेक प्याज भंडारण के लिए भी सब्सिडी दे रही है. हाईटेक प्याज हाउस में पंखे, कूलर और तापमान नियंत्रित करने की सुविधाएं होती हैं, जिससे बारिश के मौसम में भी प्याज सुरक्षित रखा जा सकता है. हालांकि, इसकी लागत करीब 8 से 10 लाख रुपये तक आती है.

वरदान साबित हो रही तकनीक
खंडवा और निमाड़ क्षेत्र प्याज उत्पादन के लिए जाना जाता है. यहां अधिकांश किसान प्याज की खेती करते हैं. सही समय पर बेचकर लाखों तक की कमाई करते हैं. प्याज भंडारण की सुविधा मिलने से अब किसानों को नुकसान का डर कम हो गया है. वे अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बाजार में बेहतर कीमत मिलने का इंतजार कर सकते हैं. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है. यह देसी जुगाड़ और सरकारी सहायता मिलकर किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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