मध्य प्रदेश बजट सत्र का आज चौथा दिन, आबकारी नीति पर मंत्री रखेंगे बात

मध्य प्रदेश बजट सत्र का आज चौथा दिन, आबकारी नीति पर मंत्री रखेंगे बात


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Bhopal News: मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है. जिसके बाद शराब की कीमतों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो जाएगी. शराब की दुकानों का आवंटन अब ई-टेंडर से किया जाएगा.

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सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर भी आज चर्चा होगी.

रिपोर्ट- शैलेंद्र सिंह, भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज (गुरुवार) चौथा दिन है. वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा आज आबकारी नीति वर्ष 2026-27 पर सदन में वक्तव्य देंगे. राज्यपाल के अभिभाषण पर भी आज चर्चा होगी. सदन में दो ध्यानाकर्षण और 80 याचिकाओं की प्रस्तुति होगी. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, प्रह्लाद पटेल, संपतिया उईके, चैतन्य कश्यप, इंदर सिंह परमार और प्रद्युम्न सिंह तोमर सदन के पटल पर पत्र रखेंगे. मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद शराब की कीमतों में औसतन 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी. अब शराब की दुकानों का आवंटन ई-टेंडर से किया जाएगा. हर साल नवीनीकरण की व्यवस्था खत्म कर दी गई है.

नई आबकारी नीति से शराब ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म होगी. रिन्यू पॉलिसी की जगह टेंडर प्रक्रिया से नीलामी होगी. शराब तस्करी रोकने के लिए क्यूआर कोड लागू होगा. क्यूआर कोड से तस्करी में शामिल बड़ी मछली का भी पता चल जाएगा. क्यूआर कोड से पता चलेगा कि शराब किस दुकान या डिस्टिलरी से निकली है. कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी. रिजर्व प्राइस तय कर 20 फीसदी अधिक रेट पर ई-नीलामी हो सकती है. सिंगल ई-टेंडर से 3553 शराब दुकानों की नीलामी होगी. नए वित्तीय वर्ष में 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व का टारगेट रखा गया है. नया राजस्व लक्ष्य पिछली बार से करीब तीन हजार करोड़ रुपये ज्यादा है.

4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट
बताते चलें कि बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट पेश किया गया. राज्य के उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें उद्योग और MSME सेक्टर को प्राथमिकता दी गई. सरकार ने 19 हजार एकड़ में नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क बनाने की घोषणा की है. यह राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक कदम है.

माल ढुलाई पर 50 फीसदी तक सब्सिडी
लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए कारखाने से पोर्ट तक माल ढुलाई पर 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी. इसकी सीमा 40 लाख रुपये सालाना तय की गई है. उद्योग संगठनों ने बजट का स्वागत किया और इसे व्यापार और निवेश के लिए सकारात्मक कदम बताया. बजट में कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और डिजिटल अपग्रेडेशन पर भी फोकस किया गया है, जिससे एक्सपोर्ट और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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