आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ग्वालियर की पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार को सबलगढ़ नगर पालिका पहुंची। टीम यहां वित्तीय धांधली से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने आई थी, लेकिन करीब चार घंटे तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। यह पूरी कार्रवाई वार्ड नंबर 3 के पार्षद मोहन पचौरी की शिकायत पर की गई थी। पार्षद ने नगर पालिका में बड़े स्तर पर पैसों की हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए EOW ने मामले को जांच में लिया और रिकॉर्ड खंगालने के लिए अपनी टीम सबलगढ़ भेजी। दफ्तर में नहीं मिले जिम्मेदार EOW की टीम शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे नगर पालिका दफ्तर पहुंची। टीम के सदस्य काफी देर तक सीएमओ के दफ्तर में बैठकर रिकॉर्ड का इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और अकाउंटेंट दोनों ही ऑफिस में मौजूद नहीं थे। जानकारी मिली कि वे किसी अदालती काम से बाहर गए हुए हैं। जिम्मेदारों के न होने से टीम को जरूरी फाइलें और रिकॉर्ड नहीं मिल सके। बिना रिकॉर्ड वापस लौटी टीम दफ्तर में घंटों इंतजार और पार्षदों की गहमागहमी के बीच आखिरकार टीम को बिना किसी दस्तावेज के ही ग्वालियर वापस जाना पड़ा। इस दौरान टीम के सदस्यों ने जांच को लेकर मीडिया से कोई भी बात नहीं की। हालांकि, नगर पालिका में हुई इस अचानक कार्रवाई और अधिकारियों की गैरमौजूदगी पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Source link