T20 World Cup Super 8: भारतीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगी. उसने ग्रुप राउंड के दौरान सभी चार मैच जीते. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम ने अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराया. इस दौरान कुछ मैचों में टीम इंडिया का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा तो कुछ में वर्चस्व देखने को मिला. सुपर-8 से पहले कई दिग्गजों ने टीम की कमजोरियों पर चर्चा की है. महान बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को लगता है कि डेथ ओवरों में बॉलिंग पर काम करने की जरूरत है. कुछ एक्सपर्ट ने अभिषेक शर्मा के लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने तो कुछ ने तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव की धीमी बल्लेबाजी पर चिंता जताई है.
भारत की सबसे बड़ी कमजोरी
भारत के पूर्व ओपनर रॉबिन उथप्पा ने एक ऐसी समस्या पर ध्यान दिया है, जिसकी चर्चा काफी कम हो रही है. दरअसल, इसका असर ग्रुप दौर के देखने को भी मिला. भारतीय टीम पिछले कुछ समय स्पिनरों के खिलाफ काफी समस्या हुई है. खासकर ऑफ स्पिनरों ने टीम को काफी ज्यादा परेशान किया है. रॉबिन उथप्पा ने भी कहा है कि भारत के साथ भी ऑफ स्पिन खेलने की समस्या है.
टीम में 6 बाएं हाथ के बल्लेबाज
दरअसल, भारतीय प्लेइंग-11 में छह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. इनमें से अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा तो टॉप-3 में आते हैं. उनके बाद शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर हैं. अब सवाल यह है कि कोच गौतम गंभीर ऑफ स्पिनरों के खिलाफ आ रही समस्या पर ध्यान दे रहे हैं या नहीं.
ऑफ स्पिनरों के सामने शर्मनाक रिकॉर्ड
टीम इंडिया ने ग्रुप दौर में ऑफ स्पिनरों की 102 गेंदों का सामना किया है. बता दें कि जिन सिर्फ 11 टीमों ने ग्रुप दौर में 10 या उससे अधिक ओवरों में दाएं हाथ के ऑफ स्पिनरों का सामना किया है. भारत के खिलाफ इस तरह के स्पिनरों ने 11 विकेट लिए है, जो नेपाल के साथ सिर्फ 20.1 ओवर में सबसे ज्यादा बार आउट होने का रिकॉर्ड है. ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ उनका स्कोरिंग रेट (6.36) और औसत (11) टूर्नामेंट में नेपाल के बाद दूसरा सबसे खराब है.
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बाएं हाथ के स्पिनर भी बने ‘काल’
इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह समस्या सिर्फ बाएं हाथ के बल्लेबाजों तक ही सीमित नहीं है. 11 में से आठ विकेट बाएं हाथ के गेंदबाज ने लिए हैं, जिन्होंने 81 गेंदों पर 84 रन बनाए हैं. बाकी तीन विकेट दाएं हाथ के गेंदबाज ने लिए हैं, जिन्होंने 31 गेंदों पर 37 रन बनाए हैं. यह उन टीमों में दूसरा सबसे खराब रिटर्न है जिनके दाएं हाथ के बल्लेबाज ने दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर के पांच या उससे ज्यादा ओवर खेले हैं.
हार्दिक-सूर्यकुमार भी फंसे
हार्दिक पांड्या चार गेंदों पर दो बार ऑफ-स्पिन पर आउट हुए हैं, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ गोल्डन डक भी शामिल है. सूर्यकुमार यादव भी एक बार आउट हुए हैं, उन्होंने 29 गेंदों पर 30 रन बनाए हैं. बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ दोनों के नाम एक और आउट होने का रिकॉर्ड है. हालांकि, हार्दिक का स्कोरिंग रेट काफी सुधरा है, जबकि सूर्यकुमार ने संयम बनाए रखा है. तिलक वर्मा ने भी ऐसी ही कमजोरी दिखाई है.
इन गेंदबाजों ने किया परेशान
भारत के चार ग्रुप मैचों में से तीन एसोसिएट देशों के खिलाफ थे, लेकिन खतरा असली था. नई दिल्ली में नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस के वैरिएशन और अहमदाबाद में नीदरलैंड के आर्यन दत्त के अनुशासन ने टीम इंडिया की परीक्षा ली. पाकिस्तान के सैम अयूब, उस्मान तारिक और यहां तक कि सलमान आगा ने भारत के खिलाफ धीमी गेंदों से विकेट लिया.
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सुपर-8 में ये गेंदबाज करेंगे परेशान
सुपर 8 में टीम इंडिया अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका, स्पिन-फ्रेंडली चेन्नई में जिम्बाब्वे और कोलकाता में वेस्टइंडीज का सामना करेगी. ये तीनों टीमें स्पिन गेंदबाजों से परेशान कर सकते हैं. साउथ अफ्रीका को डोनोवन फरेरा की कमी खल सकती है, लेकिन एडेन मार्करम मैच में ट्रिस्टन स्टब्स और केशव महाराज के साथ मिलकर भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को टारगेट कर सकते हैं. वेस्टइंडीज के पास अकील हुसैन के साथ लंबे कदम के रोस्टन चेस हैं, जबकि जिम्बाब्वे के पास सिकंदर रजा हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नई गेंद भी संभाली थी.