भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन: तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग; 24 फरवरी को विधानसभा घेराव करेगी कांग्रेस – Mandsaur News

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन:  तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग; 24 फरवरी को विधानसभा घेराव करेगी कांग्रेस – Mandsaur News




मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी 24 फरवरी 2026 को भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा का घेराव करेगी। इस संबंध में शनिवार शाम मंदसौर जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी की अगुवाई में प्रेस वार्ता हुई। बताया गया कि यह आंदोलन प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध, प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा तथा राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। यह घेराव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होगा। प्रेस वार्ता के दौरान विधायक विपिन जैन, शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इष्टा भाचावत सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों और कार्यकर्ताओं से 24 फरवरी को भोपाल पहुंचकर विधानसभा घेराव में भाग लेने की अपील की है।

ट्रेड डील से किसानों को नुकसान की आशंका
प्रदेश कांग्रेस का मत है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में संभावित कमी से मध्य प्रदेश के कपास, सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है। बताया गया कि अमेरिका में औसत कृषि जोत लगभग 170 हेक्टेयर है, जबकि भारत में यह औसतन 1 से 1.5 हेक्टेयर के बीच है। अमेरिकी किसानों को व्यापक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती लागत, मौसमी अस्थिरता और बाजार संकट का सामना कर रहे हैं। सोयाबीन उत्पादकों पर सीधा असर
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन उत्पादक राज्य है, जहां लगभग 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती होती है। यदि अमेरिकी सोयाबीन तेल या सोया खली का आयात बढ़ता है तो स्थानीय मंडियों में दाम गिरने की आशंका है। इससे किसानों के साथ-साथ स्थानीय प्रसंस्करण उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा मक्का निर्यातक देश है। एथेनॉल उत्पादन के बाद बचने वाले डिस्टलर ड्राइड ग्रेन जैसे उत्पादों के आयात से पशु आहार बाजार प्रभावित हो सकता है, जिससे प्रदेश के मक्का उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
कपास किसानों के लिए चिंताजनक स्थिति
कपास के संदर्भ में भी स्थिति चिंताजनक बताई गई। आयात शुल्क में कमी होने पर अमेरिकी कपास के आयात से निमाड़ और मालवा क्षेत्र के कपास किसानों को सीधा आर्थिक आघात लगेगा। पहले से लागत और मूल्य संकट झेल रहे किसानों की आय पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि इस प्रकार का व्यापार समझौता स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था, मंडी व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली पर दबाव डालेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नगदी संकट और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग प्रदेश कांग्रेस ने नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए तीन मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की है – कैलाश विजयवर्गीय – इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल प्रकरण में जवाबदेही के आधार पर। विजय शाह – कर्नल सोफिया को आतंकवादियों की बहन कहने तथा सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत दिए गए बयानों के संदर्भ में। राजेंद्र शुक्ला – जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मृत्यु एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े गंभीर मामलों में जवाबदेही के आधार पर। विधानसभा घेराव के जरिए रखी जाएंगी ये मांगें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर विस्तृत श्वेतपत्र जारी किया जाए। मध्य प्रदेश के किसानों के हितों की संवैधानिक और नीतिगत सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संबंधित मंत्रियों से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा लिया जाए। किसानों के लिए मूल्य सुरक्षा एवं आय संरक्षण की ठोस व्यवस्था लागू की जाए।



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