रतलाम में मजदूर ने पानी की टंकी पर लगाई फांसी: सुसाइड नोट में सरपंच व पुलिस पर फंसाने का आरोप; चक्काजाम के बाद तीन पर FIR – Ratlam News

रतलाम में मजदूर ने पानी की टंकी पर लगाई फांसी:  सुसाइड नोट में सरपंच व पुलिस पर फंसाने का आरोप; चक्काजाम के बाद तीन पर FIR – Ratlam News




रतलाम जिले के पिपलौदा तहसील के हरियाखेड़ा गांव में शनिवार सुबह 45 वर्षीय मजदूर लक्ष्मीचंद ने पानी की टंकी पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मजदूर ने फांसी लगाने से पहले टंकी की दीवार पर गांव के सरपंच का नाम और पुलिस द्वारा सुनवाई न करने की बात लिखी। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सरपंच, उसके परिजनों और जावरा औद्योगिक थाने के पुलिसकर्मियों पर मारपीट व झूठे केस में फंसाने का आरोप है। घटना के विरोध में परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने सरपंच सहित तीन लोगों पर केस दर्ज कर लिया है और एसपी ने एक एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है, जिसके बाद शाम को गांव में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बता दें कि शनिवार सुबह करीब 6 बजे मजदूर का छोटा भाई मांगीलाल पंवार पानी की टंकी की तरफ गया था। वहां उसने अपने भाई लक्ष्मीचंद (पिता कनीराम) को फांसी के फंदे पर लटकते हुए देखा। उसने तुरंत परिजनों और पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और जावरा सिविल अस्पताल लेकर गई। टंकी की दीवार पर लिखा- मेरी जेब में सबूत है
मृतक लक्ष्मीचंद ने आत्महत्या से पहले पानी की टंकी की दीवार पर बड़े अक्षरों में लिखा था- “मेरे जेब में सबूत है। मुजको (मुझको) जीत सरपंच ने जान से मारने की धमकी दी है।” इसके अलावा दीवार पर यह भी लिखा था कि “मुझे न्याय चाहिए, पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है।” उसकी जेब से बरामद सुसाइड नोट में गांव के सरपंच जितेंद्र (पिता पुरुषोत्तम), सरपंच के पिता पुरुषोत्तम पाटीदार, भाई लोकेश और जावरा औद्योगिक थाने के पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों ने किया चक्काजाम, विधायक भी पहुंचे
दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव लौटते समय आक्रोशित परिजनों ने जावरा ओवरब्रिज पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा और मालवीय समाज के जीतू मालवीय भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने सरपंच के अवैध मकान को तोड़ने, आरोपियों पर केस दर्ज करने और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने की मांग की। परिजनों ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे वहां से नहीं उठेंगे। सरपंच सहित 3 पर एफआईआर, एएसआई लाइन अटैच
चक्काजाम की सूचना मिलने पर जावरा सीएसपी युवराजसिंह चौहान, पिपलौदा तहसीलदार देवेंद्र धनगर और औद्योगिक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के बाद करीब एक घंटे तक चला चक्काजाम समाप्त हुआ। पुलिस ने सरपंच और दो अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, रतलाम एसपी अमित कुमार ने जावरा औद्योगिक थाने के एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच कर दिया है। इसके बाद सभी लोग शांत हुए और शाम को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। 8 दिन पहले एसपी को दिया था शिकायत का आवेदन
मृतक ने सुसाइड से 8 दिन पहले रतलाम कलेक्टर के नाम एक शिकायत का आवेदन भी दिया था। जिसमें प्रतिलिपि में रतलाम एसपी को रखा गया था। आवेदन में बताया गया कि 11 फरवरी की मध्य रात करीब 1 बजे वह खेत में फसल को पानी पिलाने का काम कर रहा था। तभी अज्ञात चोर आए और खेत में लगी झटका मशीन से करंट की चपेट में आ गए। लक्ष्मीचंद ने तुरंत बटन दबाकर मशीन को बंद किया, तभी अचानक 8 से 10 युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और खेत में लगी मशीन को कुएं में फेंक दिया था। हालांकि एसपी ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार का कोई आवेदन एसपी ऑफिस नहीं पहुंचा। यह भी पता नहीं चल पाया है कि यह आवेदन जावरा में दिया या रतलाम आकर। लक्ष्मीचंद की मौत के बाद यह आवेदन सामने आया है। पुलिस पर लगाए लॉकअप में पीटने के आरोप
एसपी को दिए आवेदन में मृतक ने बताया था कि सरपंच, उसके पिता और भाई अपने साथियों के साथ उसे थाने ले गए। मुझ पर मशीनों को फेंकने का झूठा आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत की। मृतक ने अपने आवेदन में लिखा था- “सरपंच द्वारा की गई शिकायत पर मेरी किसी ने बात नहीं सुनी। मुझे लॉकअप में बंद कर बहुत मारा। जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। सरपंच के कहने पर एक स्टार पुलिस और एक अन्य पुलिस दोनों ने मिलकर बहुत मारा और प्रताड़ित किया। जिससे मुझे छाती पर गंभीर चोटे आई है।” मृतक ने कहा था कि थाने पर सरपंच के दबाव के चलते उसकी एक न सुनी गई, जबकि वह एक मजदूर होकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसने आवेदन में सरपंच व थाने के पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई न होने से आहत होकर शनिवार सुबह उसने फांसी लगा ली। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया सरपंच समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सरपंच को राउंडअप कर लिया है। पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगे हैं, लाइन हाजिर कर दिया। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।



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