CBSE 10th Exam: बहुत से स्टूडेंट्स ने 2 घंटे में पूरा किया अंग्रेजी-2 का पेपर, बोले- लेंदी नहीं आसान था

CBSE 10th Exam: बहुत से स्टूडेंट्स ने 2 घंटे में पूरा किया अंग्रेजी-2 का पेपर, बोले- लेंदी नहीं आसान था


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CBSE 10th English Paper Review: सागर में अंग्रेजी का पेपर देकर केंद्र से बाहर आए बच्चे खुश थे. उनका कहना था कि जिसने शांत मन से क्वेश्चन पेपर सॉल्व किया उसके लिए महज 2 घंटे का समय लगा. कुछ ने बताया कि पिछले साल के क्वेश्चन पेपर से मिलता जुलता था. जानें और बच्चों ने क्हा… 

Sagar News: सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं जारी हैं. कक्षा 10वीं में 21 फरवरी को इंग्लिश का दूसरा एग्जाम संपन्न हुआ. सीबीएसई के बच्चों के लिए आमतौर पर अंग्रेजी का एग्जाम सबसे सरल माना जाता है. हुआ भी कुछ ऐसा ही. बच्चे परीक्षा केंद्र से खुशी-खुशी एग्जाम देकर निकले. सीबीएसई 10वीं अंग्रेजी का पेपर बच्चों के अनुसार बहुत ही सरल आया था, जबकि 17 फरवरी को मैथ्स के पेपर ने रुला दिया था. क्योंकि, क्वेश्चन तो कठिन थे ही लेंदी भी हो गया था, जिसकी वजह से 3 घंटे का समय भी कम पड़ गया था.

वहीं अंग्रेजी के पेपर को लेकर स्टूडेंट्स का कहना है कि जिसने शांत मन से क्वेश्चन पेपर सॉल्व किया, उसके लिए महज 2 घंटे का समय लगा, बाकी जो स्टूडेंट अलग-अलग थॉट्स पेपर हल करने के दौरान अपने मन में ला रहे थे, उनके लिए जरूर समय भी कम पड़ गया और पेपर भी कठिन लगा. बच्चों ने बताया कि वैसे तो पूरा एग्जाम पेपर इजी था, लेकिन अनसीन पैसेज आंसर खोजने में थोड़ी परेशानी हो रही थी. कुछ स्टूडेंट्स ने बताया कि ग्रामर में परेशानी आ रही थी, लेकिन एग्जाम अच्छा गया.

लेंदी नहीं, ईजी था पेपर
श्रुति जैन ने बताया, इंग्लिश का पेपर बहुत ही लेंदी आता है, लेकिन इस बार ईजी और अच्छा पेपर आया है. अब 25 फरवरी को साइंस का एग्जाम है उसकी याद से ही तैयारी शुरू कर रहे हैं. सौरभ कुमार ने बताया, इस एग्जाम की बहुत अच्छी तैयारी थी. जैसे ही सेशन शुरू हुआ था तो शुरुआत से ही इंग्लिश पर भी फोकस था. हम लोगों ने सेल्फ स्टडी की थी खुद के नोट्स बनाए थे और शिक्षकों द्वारा जो पढ़ाया गया, उसको भी सीरियसली लिया, मेहनत अच्छी की थी, इसलिए पेपर भी पूरा गया है.

प्री बोर्ड ने बहुत मदद की 
दीक्षा केसरवानी ने बताया, एग्जाम बहुत ही आसान और नॉर्मल था लगभग 75 नंबर का पेपर करके आए हैं. अगर आप केवल एग्जाम देने जा रहे हैं तो वह 2 घंटे में पूरा हो जा रहा था. अगर आपके दिमाग में कुछ और चल रहा तो फिर 3 घंटे भी कम पड़ रहा है. टिया जैन ने बताया, स्कूल में जो प्री बोर्ड की परीक्षाएं हुई थी, उसमें फाइनल एग्जाम की अच्छे से तैयारी हो गई थी, जिसकी वजह से कॉन्फिडेंस भी हाई हो गया था. ऐसे में पेपर अच्छा गया है. पिछले साल की प्रीवियस पेपर की बात करें तो कुछ क्वेश्चन उसी से मिलते जुलते भी आए हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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