मंदसौर जिले के पिपलियामंडी-मनासा मार्ग पर लुनाहेडा बावड़ी फंटे के पास शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण दोनों घायल करीब 30 मिनट तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्ट्रेचर पर ही तड़पते रहे। बाद में एम्बुलेंस की व्यवस्था होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार हेमंत पिता मोहनलाल बोराना एवं मनोहर पिता प्रभुलाल बोराना, निवासी लासुडिया राठौड़, सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। हादसे में दोनों युवकों के पैरों में गंभीर चोट आई, जिसमें फ्रैक्चर बताया जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही लुनाहेडा गांव के महेश पाटीदार, पवन पाटीदार, श्यामलाल धनगर और मानक पोरवाल तत्काल मौके पर पहुंचे। वहीं जगदीश मालवी और राहुल पाटीदार ने फोन पर महेश पाटीदार को सूचना दी, जिसके बाद वे गांव से वाहन लेकर घटनास्थल पहुंचे और घायलों को निजी वाहन से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपलियामंडी पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार, एम्बुलेंस नहीं मिली
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों द्वारा दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन जिला चिकित्सालय रेफर करने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। एम्बुलेंस के अभाव में दोनों घायल लगभग 30 मिनट तक स्ट्रेचर पर ही पड़े रहे। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। बाद में जिला चिकित्सालय किया गया रेफर
करीब आधे घंटे बाद एम्बुलेंस की व्यवस्था हो सकी, जिसके बाद दोनों घायलों को आगे के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। घटना के बाद क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में यदि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध न हो, तो मरीज की जान को खतरा बढ़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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