Last Updated:
शिवहर जिला के विवेक आनंद आज उभरते क्रिकेट सितारे हैं. किसान परिवार में जन्मे विवेक के पिता अशोक सिंह और माता अनुराधा देवी ने सीमित संसाधनों में भी उनका साथ दिया. पढ़ाई और क्रिकेट में उनका अनुशासन प्रेरणादायक है. विवेक ने बिहार टीम का प्रतिनिधित्व किया और त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसी टीमों के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाई.
शिवहर. शिवहर जिले के मालिपोखभीण्डा वार्ड-2 जैसे छोटे ग्रामीण इलाके से निकलकर विवेक आनंद ने यह साबित कर दिया है कि सपने बड़े हों तो संसाधनों की कमी रास्ता नहीं रोक सकती. साधारण किसान परिवार में जन्मे विवेक आज जिले के उभरते क्रिकेट सितारे के रूप में पहचाने जा रहे हैं. पिता अशोक सिंह, जो किसान होने के साथ पूर्व मुखिया भी रह चुके हैं, और माता अनुराधा देवी, एक गृहिणी, ने सीमित साधनों में भी बेटे के सपनों को पंख दिए. दो भाइयों और पांच बहनों के बीच पले-बढ़े विवेक ने बचपन से ही क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया था.
विवेक की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक हुई. वर्तमान में वे श्री नवाब हाई स्कूल, शिवहर से कक्षा 9 की पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट के प्रति उनकी लगन शुरू से ही खास रही. स्कूल और मैदान-दोनों जगह उनका अनुशासन और मेहनत साफ दिखाई देता है. परिवार ने भी हमेशा पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उन्हें प्रेरित किया, जिससे विवेक का आत्मविश्वास लगातार मजबूत होता गया.
जिला स्तर से राज्य स्तर तक दमदार प्रदर्शन
विवेक ने 2023 में वैशाली में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता से अपने क्रिकेट करियर की औपचारिक शुरुआत की. इसके बाद 2024 में बेगूसराय में खेले गए मुकाबले में 127 रनों की शानदार पारी खेलकर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा. यही प्रदर्शन उनके लिए राज्य स्तर का दरवाजा खोलने वाला साबित हुआ. 6 दिसंबर 2024 से शुरू हुई राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में विवेक ने बिहार टीम का प्रतिनिधित्व किया और त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसी टीमों के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाई.
विजय मर्चेंट ट्रॉफी में ऑलराउंडर चमक
7 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक आयोजित विजय मर्चेंट ट्रॉफी विवेक के करियर का यादगार अध्याय बन गई. इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में उन्होंने ऑलराउंडर का प्रदर्शन करते हुए 190 रन बनाए और 20 विकेट झटके. बिहार टीम ने पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पुडुचेरी और राजस्थान जैसी मजबूत टीमों का सामना किया और चैंपियन बनी. शिवहर जिला क्रिकेट संघ के सचिव नवीन सिंह ने विवेक को निरंतरता और मेहनत का प्रतीक बताया और विश्वास जताया कि आने वाले समय में वे राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नाम बनेंगे.
परिवार का सहयोग और भविष्य का संकल्प
महज 16 साल की उम्र में विवेक आनंद अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं- उन्हें क्रिकेट में ही अपना भविष्य बनाना है. वह अपनी सफलता का श्रेय परिवार, कोच और मार्गदर्शकों को देते हैं. मां अनुराधा देवी की आंखों में खुशी के आंसू हैं तो पिता अशोक सिंह के चेहरे पर गर्व. विवेक की कहानी केवल क्रिकेट की नहीं, बल्कि संघर्ष, विश्वास और संकल्प की कहानी है. शिवहर को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और संकेत साफ है कि यह युवा खिलाड़ी जल्द ही इतिहास रचने की ओर बढ़ रहा है.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें