नर्मदापुरम में डंपर मालिकों का प्रदर्शन: ओवरलोडिंग की कार्रवाई का विरोध; बोले- रेत का पानी बहने से होता है नुकसान, 10% छूट मिले – narmadapuram (hoshangabad) News

नर्मदापुरम में डंपर मालिकों का प्रदर्शन:  ओवरलोडिंग की कार्रवाई का विरोध; बोले- रेत का पानी बहने से होता है नुकसान, 10% छूट मिले – narmadapuram (hoshangabad) News




नर्मदापुरम में पिछले 10 दिनों से ओवरलोड डंपर और ट्रकों पर राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई के विरोध में सोमवार को डंपर मालिकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। रेत ट्रक ओनर्स एसोसिएशन (मध्यप्रदेश) के बैनर तले नर्मदापुरम, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और खंडवा के वाहन मालिक रॉयल्टी लेकर परिवहन करने पर भी हो रही कार्रवाई से नाराज होकर यहां पहुंचे। वर्तमान में एडीएम और खनिज अधिकारी के साथ हुई एक घंटे की बैठक के बाद प्रशासन ने उनकी समस्याओं को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने और जुर्माना कर जल्द प्रकरणों के निराकरण का आश्वासन दिया है। दोपहर में सभी डंपर मालिक कलेक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने गेट बंद कर उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद ग्रामीण तहसीलदार दिव्यांशु नामदेव और जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम बातचीत करने पहुंचे। सभी लोग कलेक्टर और एडीएम से मिलने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव और 4-5 सदस्य अपनी समस्या बताने के लिए कलेक्ट्रेट के अंदर जनसुनवाई कक्ष में पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपनी बातें रखीं। अध्यक्ष का आरोप- दबाव में आकर अनलीगल पकड़े डंपर रेत ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आजाद ठाकुर ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “प्रशासन ने जो कार्रवाई की, उसमें कुछ डंपरों को अनलीगल पकड़ा। दबाव में आकर यह कार्रवाई की गई।” अध्यक्ष ठाकुर ने यह भी दावा किया है कि एडीएम और खनिज अधिकारी के साथ हुई बैठक में यह तय हुआ है कि अनलीगल तरह से पकड़े गए डंपरों को छोड़ा जाएगा। 10 फीसदी अतिरिक्त रेत भरने की छूट मांगी करीब एक घंटे चली बैठक में अध्यक्ष आजाद ठाकुर और सचिव विश्वबंधु रावत ने प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वैध रायल्टी जमा कर निर्धारित नियमों के तहत परिवहन करने के बावजूद डंपरों पर प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। स्पॉट जुर्माना करने के बजाय वाहनों को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि खदान से भरते समय रेत में पानी भी रहता है। भोपाल या इंदौर पहुंचने तक पानी बह जाने से रेत कम हो जाती है। इसलिए उन्हें 10 फीसदी की छूट दी जानी चाहिए। सचिव बोले- एडीएम जैसे अधिकारी हों तो समस्या ही न हो बैठक के बाद सचिव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि, “एडीएम राजीव रंजन पांडे को हमने अपनी समस्याएं बताई है। उन्होंने हमारी समस्याओं को समझा है। आश्वासन दिया कि पूर्व की व्यवस्था अनुसार गाड़ियों का संचालन होगा। एडीएम सर जैसे अधिकारी सभी जगह आ जाएं तो समस्या ही उत्पन्न नहीं होगी।” बैठक के बाद एडीएम, खनिज अधिकारी और एसोसिएशन के सदस्य कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकले। एडीएम ने दिया वरिष्ठ अधिकारियों तक बात पहुंचाने का आश्वासन इस पूरे मामले में एडीएम राजीव रंजन पांडे ने बताया कि, “एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याओं को बताया है। जिसमें अतिरिक्त रेत भरने की वजह बताई कि भोपाल, इंदौर पहुंचने पर पानी बाहर बह जाता और बॉडी की क्षमता से रेत कम हो जाती है। जिससे बेचने के दौरान नापने पर रेत कम निकलती। ऐसे में ग्राहक कम रुपए देते है। अगर 10फीसदी अतिरिक्त नहीं भरेंगे तो नुकसान हमें होता है। पुलिस, आरटीओ द्वारा रोकने की भी शिकायत की है। हमने आश्वासन दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों तक समस्या की पहुंचाई जाएगी।”



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