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Sidhi News: आम के बागानों को भी नुकसान हुआ है. तेज हवा और ओलावृष्टि के चलते पेड़ों पर लगे छोटे फल (गौर या बौर) झड़ गए. किसानों ने कहा कि अगर इसी तरह मौसम अस्थिर रहा, तो आने वाले सीजन में आम की पैदावार प्रभावित हो सकती है.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 30 मिनट तक चली ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. क्षेत्र के ग्राम दरीमाडोल, भदौरा और शंकरपुर समेत 8 से 10 गांवों में तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों से खेतों में खड़ी सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है. कई स्थानों पर सरसों की फलियां टूटकर खेतों में बिखर गईं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है. शंकरपुर गांव के किसान प्रमोद कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बे-मौसम बारिश और ओलों की मार से रबी की फसलें प्रभावित हुई हैं. उनके मुताबिक, सरसों की फलियां झड़ने से सीधा असर उपज पर पड़ेगा. वहीं मटर की बालियां तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण जमीन पर गिर गई हैं. खेतों में नमी अधिक होने से इनके सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है. मसूर और चना की फसल में भी झड़ाव और पौधों के झुकने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है.
इधर आम के बागानों में भी नुकसान की खबरें हैं. तेज हवा और ओलावृष्टि के चलते पेड़ों पर लगे छोटे फल (गौर) झड़ गए. किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम अस्थिर रहा, तो आगामी सीजन में आम की पैदावार प्रभावित हो सकती है. आम उत्पादकों को आशंका है कि शुरुआती दौर में ही फल झड़ने से बाजार में आपूर्ति कम हो सकती है.
हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के बाद तेज धूप निकल आई है, जिससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा. रामपुर नैकिन क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा की मांग की है. किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. फिलहाल किसान मौसम साफ रहने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.