Biggest defeat for India in T20 World Cups: टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया खिताब जीतने की फेवरेट टीम मानी जा रही थी, क्योंकि पिछले 2 साल से जिस तरह उसने टी20 क्रिकेट खेला, वो काबिले तारीफ था, लेकिन 22 फरवरी की शाम उसी बैटिंग लाइनअप चरमरा गई. पूरी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने उसे 76 रनों से शर्मनाक हार दी. अहमदाबाद के मैदान पर मिली इस शर्मनाक हार ने टीम इंडिया के माथे पर एक ऐसा ‘कलंक’ लगा दिया है, जिसे मिटाना सूर्या ब्रिगेड के लिए आसान नहीं होगा. जैसा 19 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ था, वैसा दर्द टीम इंडिया को सूर्या की कप्तानी में झेलना पड़ा है.
दरअसल, सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में टीम इंडिया को 76 रनों से मिली हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं है, बल्कि रनों के लिहाज से टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत की अब तक की सबसे बड़ी शिकस्त है. 2007 में पहला टी20 विश्व कप हुआ था. तब से लेकर अब तक भारत ने इस विश्व कप में जितने भी मैच खेले, उनमें रनों के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार 49 रनों की थी, जो 2010 के टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी, लेकिन 22 फरवरी 2026 को अफ्रीका के खिलाफ मिली इस शिकस्त ने 2010 और 2016 की कड़वी यादों को भी पीछे छोड़ दिया है. टी20 विश्व कप के इतिहास में इतनी बड़ी हार का दर्द भारत को कभी नहीं मिला था.
सूर्या की कप्तानी में लगा कलंक
इस बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया मैदान में उतरी है. ग्रुप स्टेज में सभी चार मैच जीते थे. सेमीफाइनल के लिहाज से सुपर 8 का हर मैच जीतना जरूरी था, लेकिन पहले ही मुकाबले में मजबूत नजर आने वाली सूर्या सेना ने दक्षिण अफ्रीका के सामने घुटने टेक दिए. अफ्रीका ने 188 रनों का टारगेट दिया था, जिसका पीछा करते हुए टीम इंडिया महज 111 रनों पर सिमट गई और 76 रनों से मुकाबला गंवा दिया. टी20 विश्व कप के इतिहास में यह हार भारतीय क्रिकेट पर सबसे बड़ा दाग साबित हुई है.
टी20 इतिहास में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार
टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की रनों के मामले में सबसे बड़ी हार 2010 में आई थी, तब ऑस्ट्रेलिया ने 49 रनों से बाजी मारी थी. ऑस्ट्रेलिया ने 5 विकेट खोकर 185 रन बनाए थे, जिसका पीछा करते हुए टीम इंडिया 135 रनों पर सिमट गई थी. फिर 2016 में न्यूजीलैंड ने हमें 47 रनों से हराया था. गौर करने वाली बात ये है कि यह 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन की हार के बाद टी20I में रनों के अंतर से भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है. सूर्या की कप्तानी में भारत की जीत का आंकड़ा सबसे बढ़िया रहा है, लेकिन इस हार ने कहीं ना कहीं सवाल खड़े कर दिए हैं.