रणजी LIVE: जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर चुनी बैटिंग, कर्नाटक से फाइनल मैच शुरू

रणजी LIVE: जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर चुनी बैटिंग, कर्नाटक से फाइनल मैच शुरू


हुब्बली: रणजी ट्रॉफी के इतिहास में आज वो हो गया, जो पिछले 92 साल में कभी नहीं हुआ था. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जम्मू-कश्मीर फाइनल में पहुंचेगा. सामने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक की टीम है. रणजी ट्रॉफी 2025-26 फाइनल का ये घमासान कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच नहीं बल्कि अंडर डॉग और चैंपियन टीम के पास है. चलिए आपको पांच दिन चलने वाले इस फाइनल के पल-पल की अपडेट्स से रूबरू करवाते हैं.

जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर चुनी बैटिंग
हुब्बली में खेले जा रहे इस मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है. कर्नाटक की टीम में कोई बदलाव नहीं है, वही प्लेइंग इलेवन है, जो सेमीफाइनल में खेली थी. जम्मू-कश्मीर की टीम में शुभमन खजूरिया और वंशराज शर्मा की जगह साहिल लोटरा और कामरान इकबाल को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है.

कर्नाटक का दावा क्यों मजबूत?
कर्नाटक को उसके अतीत के प्रदर्शन के कारण ही प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा बल्कि इस सीजन में उसने समय-समय पर अहम खिलाड़ियों की चोटों से जूझने के बावजूद अलग-अलग हालात में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ पहले मुकाबले में खराब शुरुआत के बाद से कर्नाटक ने अपने मैदान पर और बाहर दमदार प्रदर्शन किया है, उसके स्टार बल्लेबाजों केएल राहुल, करूण नायर, देवदत्त पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण ने इस कामयाबी की कहानी लिखी है.

कर्नाटक की मजबूत बैटिंग
केएल राहुल ने तीन मैच में 457 रन, करूण नायर ने आठ मैच में 699 रन, देवदत्त पडिक्कल ने पांच मैच में 532 रन और स्मरण ने आठ मैच में 950 रन बनाए हैं, इससे कर्नाटक को कप्तानी में बदलाव से सामंजस्य बिठाने में भी मदद मिली. मयंक अग्रवाल की जगह पडिक्कल ने टीम की कमान संभाली और बल्लेबाजी-कप्तानी दोनों में खरे उतरे.

आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के स्टार
इस मजबूत बल्लेबाजी क्रम का सामना हालांकि तेज गेंदबाज आकिब नबी की अगुवाई में जम्मू कश्मीर के बेहतरीन गेंदबाजों से होगा. जम्मू कश्मीर ने 67 साल पहले रणजी ट्रॉफी में पदार्पण के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश किया है. नबी ने इस सत्र में 55 विकेट लिए हैं और यहां पर भी पिच से शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है.

सितारों से सजी कर्नाटक की टीम
अपने खिलाड़ियों के हुनर के अलावा कर्नाटक बड़े मैचों के उनके अनुभव के आधार पर भी प्रबल दावेदार लग रहा है. राहुल, करूण, श्रेयस और मयंक उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 2013-14 और 2014-15 में लगातार दो बार खिताब जीते. ये युवा खिलाड़ियों को दबाव का सामना करने के लिए मशविरा दे सकते हैं.

कप्तान ही जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी ताकत
बंगाल और मध्यप्रदेश जैसे दिग्गजों को हराने वाली जम्मू कश्मीर टीम के पास पारस डोगरा जैसा अनुभवी कप्तान है. मुख्य कोच अजय शर्मा और 41 वर्ष के डोगरा को खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के खुलकर खेलने का गुरूमंत्र देना होगा.

कर्नाटक का स्क्वॉड: देवदत्त पडिक्कल (कप्तान ), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, करूण नायर, केवी अनीश, आर स्मरण, श्रेयस गोपाल, कृतिक कृष्णा, विशाख विजयकुमार, विद्याधर पाटिल, विद्वत कावेरप्पा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहसिन खान, शिखर शेट्टी, केएल श्रीजित

जम्मू कश्मीर का स्क्वॉड: पारस डोगरा (कप्तान), अब्दुल समद, शुभम खजूरिया, कामरान इकबाल, आबिद मुश्ताक, विवांत शर्मा, रोहित शर्मा, उमरान मलिक, युधवीर सिंह, आकिब नबी, सुनील कुमार, लोन नासिर, मुज्तबा युसूफ, मुसाइफ एजाज, साहिल लोटरा, वंशज शर्मा, उमर नजीर मीर, कन्हैया वधावन, यावेर हसन.



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