Holi 2026: 3, 5 या 7 परिक्रमा? होलिका दहन के बाद सही संख्या जानकर ही करें पूजा

Holi 2026: 3, 5 या 7 परिक्रमा? होलिका दहन के बाद सही संख्या जानकर ही करें पूजा


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Holi 2026: 3, 5 या 7 परिक्रमा? होलिका दहन के बाद सही संख्या जानकर ही करें पूजा

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Holika dahan parikrama 2026 : 3 मार्च को होलिका दहन होगा. होलिका दहन के पहले कुछ नियमों का पालन जरूरी माना गया है. हालांकि, बहुत से लोग इन नियमों को नहीं जानते और भूल कर जाते हैं. जिससे पुण्य अर्जित नहीं होता.

उज्जैन : हिंदू धर्म में होलिका दहन को सदियों से बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है. इस दिन सभी लोग पूरे परिवार के साथ होली माता का विधि-विधान से पूजन करते हैं और रात्रि में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, होलिका दहन से पहले कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है. कई लोग इन नियमों की जानकारी के अभाव में अनदेखी कर देते हैं, जिससे वे पूर्ण पुण्य फल प्राप्त नहीं कर पाते. इसलिए होलिका दहन की सही विधि और आवश्यक नियमों को जानकर ही इस पावन पर्व को मनाना चाहिए, ताकि पूजा का संपूर्ण लाभ मिल सके और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन हो.

भद्रा के साये में होगा होलिका दहन?
वैदिक पंचांग के अनुसार 2 मार्च की रात होलिका दहन होगा. शाम 5:55 बजे से भद्रा काल शुरू होकर 3 मार्च सुबह 4:28 बजे तक रहेगा. ज्योतिष आचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार इस बार भद्रा भू-लोक पर मानी जा रही है, इसलिए प्रदोष काल में होलिका पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा. इस दौरान दान-पुण्य करना भी शुभ माना गया है.

जरूर करे इन नियमों का पालन
01. होलिका दहन से पहले कलावा लपेटते हुए 5-7 बार परिक्रमा करें. होलिका दहन की अग्नि में जौ या अक्षत अर्पित करें. इसकी अग्नि में नई फसल को चढ़ाते हैं और भूनते हैं. भुने हुए अनाज को लोग घर लाने के बाद प्रसाद के रूप में बांटते हैं.

02. होलिका दहन के दौरान सफेद, पीले या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इस दिन चमड़े के वस्त्र या काले रंग के कपड़े पहनने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित हो सकती है. वहीं, महिलाओं को इस दिन ज्यादा चमकीले और गहरे रंगों के कपड़ों से बचना चाहिए. अगर आप भी इस बार होलिका जलाने वाले हैं तो इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

03. होलिका जलाकर तुरंत वहां से लौट आते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए. होलिका दहन के बाद कुछ देर तक वहां रुकना चाहिए. अग्नि की परिक्रमा करनी चाहिए. मान्यता है कि होलिका की अग्नि में विशेष ऊर्जा होती है, जिससे नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं. होलिका दहन के बाद अगले दिन सुबह उसकी राख को घर लाकर माथे पर लगाना और घर के चारों कोनों में छिड़कना बहुत शुभ माना जाता है. इससे वास्तु दोष दूर होता है.

04. होलिका दहन पर होलिका माता की पूजा की जाती है और घर में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. इस दिन मांस और मदिरा का सेवन वर्जित है, क्योंकि इससे धन हानि और रोग हो सकते हैं. इस दिन तामसिक भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए.

05. होलिका दहन के दिन नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए महिलाओं को अपने बाल खुले नहीं छोड़ने चाहिए. पूजा के समय बाल खुले रखने से नकारात्मक शक्तियों का वास घर में हो सकता है.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें



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