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Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर जीवाजी यूनिवर्सिटी ने एक नया फरमान जारी किया है. इसके तहत कैंपस में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर बैन लगा दिया है और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है. ताजा मामला जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर का है, जहां सुबह की सैर पर निकले लोगों पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया. इस घटना में आठ लोग घायल हो गए, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे कैंपस में बोर्ड लगवा दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति आवारा कुत्तों को खाना न खिलाए. आदेश में साफ किया गया है कि नियम का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस फैसले के पीछे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है. प्रशासन का कहना है कि हाल ही में खेल मैदान और हनुमान मंदिर के पास अचानक कुत्तों का झुंड आया और सैर कर रहे लोगों पर हमला कर दिया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. लंबे समय से यूनिवर्सिटी परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है और पहले भी काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान की दिशा में अब तक ठोस पहल नहीं हुई थी.
विशेष कमेटी गठित
इसी बीच ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है. यह कमेटी नसबंदी (ABC), टीकाकरण, आश्रय, डेटा तैयार करने और विभागों के मिलाने के जरिए व्यवस्थित कार्रवाई करेगी. नगर निगम को पांच शेल्टर हाउस बनाने हैं, जिनके लिए पिपरौली, मुरार, जलालपुर और गिरवाई की जमीन का आकलन किया जा चुका है. गाइडलाइन के तहत पशु प्रेमियों से चर्चा के बाद 27 स्थानों को स्ट्रीट डॉग्स के भोजन के लिए चिन्हित किया गया है. नई व्यवस्था के अनुसार नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों को शेल्टर होम भेजा जाएगा. 300 पशुओं के शेल्टर के लिए 54 लाख रुपये और 200 पशुओं के आश्रय के लिए 30 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है.
सूत्रों के अनुसार, पशु अधिकारों को लेकर सक्रिय मेनका गांधी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से संपर्क कर कहा है कि अगर कुत्तों के लिए व्यवस्था नहीं है, तो खाने पर बैन नहीं माना जाएगा. उन्होंने संवेदनशील और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप समाधान अपनाने पर जोर दिया है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें