रेल ओवरब्रिज के हिस्से के गिरने और छपरी गांव में सड़क चोरी जैसे मामलों के बाद अब जबलपुर में घटिया निर्माण का एक और मामला सामने आया है। गढ़ा क्षेत्र की गुजराती कॉलोनी के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क 24 घंटे भी नहीं टिक पाई। गुणवत्ता में कमी सामने आने पर विभाग ने खुद बुलडोजर चलवाकर नई बनी सड़क को तुड़वा दिया। जानकारी के मुताबिक, करीब 80 मीटर लंबी इस सीसी सड़क के निर्माण पर लगभग 8 लाख रुपए खर्च किए गए थे। सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों को निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत मिली। प्रारंभिक जांच में गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। PWD के अधिकारियों ने बताया कि सड़क की ढलाई के दौरान वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया था। वाइब्रेटर नहीं चलने से कंक्रीट ठीक से सेट नहीं हो पाई और परत कमजोर रह गई। तकनीकी मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया। इसके बाद बुलडोजर मौके पर पहुंचा और पूरी नई बनी सड़क को तोड़ दिया गया। कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी पूरी कार्रवाई ऐसे की गई जैसे किसी अवैध निर्माण को हटाया जा रहा हो, जबकि मामला सरकारी निर्माण कार्य का था। PWD के कार्यपालन यंत्री शिवेंद्र सिंह ने बताया कि 80 मीटर लंबी सीमेंट ब्लैंकेट सड़क का ठेका रीवा की आराध्य कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी द्वारा मानकों का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सबसे बड़ी बात ये है कि यह इलाका प्रदेश के PWD मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में आता है। हाल के निर्माण कार्यों को लेकर विभाग पहले से ही सतर्क है। ऐसे में गुणवत्ता से समझौता न करने के संदेश के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। सड़क तोड़कर दोबारा निर्माण की तैयारी फिलहाल सड़क तोड़कर दोबारा निर्माण की तैयारी की जा रही है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि निर्माण में लापरवाही के लिए अंतिम रूप से जिम्मेदारी किस पर तय होगी और ठेकेदार पर क्या ठोस कार्रवाई होगी। मामले को लेकर पूर्व मंत्री और जबलपुर के पाटन से विधायक अजय विश्नोई ने कहा, काश अधिकारी पूरे प्रदेश को मंत्री राकेश सिंह का क्षेत्र समझें और इसी तरह की कार्रवाई हो।
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