दमोह जिला बस ऑपरेटर यूनियन संघ ने राज्य सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। यूनियन का कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे प्रदेश में बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इसी के तहत गुरुवार शाम दमोह बस स्टैंड पर जिला अध्यक्ष शंकर राय के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना दिया गया। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यूनियन ने अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रखीं। PPP मॉडल पर जताई आपत्ति यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नई परिवहन नीति में पीपीपी मॉडल के जरिए बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे छोटे और मध्यम बस संचालकों का काम प्रभावित होगा और कई लोगों का रोजगार छिन सकता है। 2 मार्च से बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में निजी बसों के परमिट सीमित किए जा रहे हैं और नियम तोड़ने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। दूसरी ओर डीजल, बीमा और रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किराए में बढ़ोतरी की अनुमति नहीं है। इससे ऑपरेटर आर्थिक दबाव में हैं। यूनियन ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने नीति में बदलाव नहीं किया तो 2 मार्च से प्रदेशभर में बसों के पहिए थम जाएंगे। इस स्थिति के लिए उन्होंने शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
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