मछली मरी तो चिंता नहीं! जानिए कैसे पाएं तालाब बीमा का लाभ

मछली मरी तो चिंता नहीं! जानिए कैसे पाएं तालाब बीमा का लाभ


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Fish Farming: प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना के अंतर्गत मछलीपालक किसानों और मछुआरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मछलीपालक किसानों और मछुआरों को बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा.

Fish Farming: मध्य प्रदेश रीवा के मछली पालक किसानों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. इन योजनाओं में मछली बीमा प्रीमियम पर 40% से 50% तक सब्सिडी और 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए बीमा योजना सुरक्षा कवच का कार्य करेगी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल पोर्टल पर बीमा उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं, जहां मछलीपालक किसान ऑनलाइन पंजीयन कर बीमा खरीद सकते हैं और सीधे एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. जिले में मछली पालन को संगठित, सुरक्षित और लाभकारी बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है.

प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और अन्य आकस्मिक जोखिमों से होने वाले नुकसान का कवरेज मिलता है.
सब्सिडी-  झींगा फसल बीमा के प्रीमियम पर 50% तक की सब्सिडी मिलती है.
प्रोत्साहन-  मत्स्यपालन बीमा के लिए प्रीमियम का 40% (अधिकतम ₹25,000 प्रति हेक्टेयर, अधिकतम ₹1 लाख प्रति किसान) प्रोत्साहन मिलता है.
पात्रता-  पंजीकृत मत्स्य पालक, सहकारी समितियां, और मछली किसान उत्पादक संगठन को पात्रता होती है.
पंजीकरण-  राष्ट्रीय मात्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के माध्यम से डिजिटल रूप से आवेदन कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना के अंतर्गत मछलीपालक किसानों और मछुआरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मछलीपालक किसानों और मछुआरों को बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा.

रीवा मत्स्यपालन विभाग के अधिकारी शूभम सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि किसान इस बीमा योजना का लाभ ले सकें. मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए बीमा योजना सुरक्षा कवच का कार्य करेगी. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल पोर्टल पर बीमा उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं, जहां मछलीपालक किसान ऑनलाइन पंजीयन कर बीमा खरीद सकते हैं और सीधे एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

जिले में मछली पालन को संगठित, सुरक्षित और लाभकारी बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है. जलीय कृषि बीमा योजना से न केवल मत्स्यपालकों का जोखिम कम होगा, बल्कि जिले में मत्स्य उत्पादन को भी नई दिशा और गति मिलेगी. प्राकृतिक आपदाओं, रोग अथवा अन्य जोखिमों से होने वाले नुकसान की भरपाई कर मत्स्य पालकों को वित्तीय संबल प्रदान करना है.

विभाग द्वारा मत्स्यपालन योजना की प्रक्रिया, शर्तें और लाभों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी. मछलीपालक किसानों को बताया गया कि योजना के अंतर्गत बीमा प्रीमियम का 40 प्रतिशत भाग भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप वहन किया जाएगा. प्रति किसान अधिकतम 4 हेक्टेयर जलक्षेत्र तक बीमा पर प्रोत्साहन देय होगा, जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है. मत्स्यपालकों को एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीयन एवं बीमा कराने में सीएससी अधिकारियों का सहयोग लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठा सकें.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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