इंदौर में 1.63 करोड़ बकाया पर बड़ी कार्रवाई! खालसा कॉलेज की 100 दुकानें सील

इंदौर में 1.63 करोड़ बकाया पर बड़ी कार्रवाई! खालसा कॉलेज की 100 दुकानें सील


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इंदौर नगर निगम ने खालसा कॉलेज परिसर की 100 से अधिक दुकानों को सील कर बड़ी कार्रवाई की है. कॉलेज प्रबंधन पर करीब 1.63 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया बताया गया है. कई नोटिस और प्रिंसिपल कार्यालय सील करने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर यह कदम उठाया गया. कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया है.

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इंदौर में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है.

इंदौर. नगर निगम ने शहर में बकाया कर वसूली को लेकर बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए खालसा कॉलेज परिसर की 100 से अधिक दुकानों को सील कर दिया. लंबे समय से लंबित चल रहे संपत्ति कर को लेकर निगम प्रशासन ने यह कदम उठाया है. निगम अधिकारियों के मुताबिक कॉलेज प्रबंधन पर करीब 1.63 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया था, जिसे जमा कराने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे. इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर निगम ने राजस्व वसूली की प्रक्रिया को तेज करते हुए सीलिंग की कार्रवाई की. इस कदम से कॉलेज परिसर में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां अचानक ठप हो गईं और दुकानदारों में हड़कंप मच गया.

बताया जा रहा है कि निगम की टीम ने प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर एक साथ कई दुकानों को सीलबंद किया. इससे पहले भी निगम ने बकाया वसूली के लिए चेतावनी दी थी और हाल ही में प्रिंसिपल कार्यालय को भी सील किया गया था. इसके बाद भी जब कर जमा नहीं हुआ तो निगम ने सख्ती बढ़ा दी. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और जब तक पूरा बकाया जमा नहीं होगा, सील नहीं खोली जाएगी. इस घटनाक्रम ने शहर में कर वसूली और संस्थागत जवाबदेही को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

पहले भी जारी हुए थे नोटिस
नगर निगम के राजस्व विभाग के अनुसार कॉलेज प्रबंधन को कई चरणों में नोटिस भेजे गए थे. बकाया कर की जानकारी देने के साथ भुगतान के लिए समयसीमा भी तय की गई थी. सूत्रों के मुताबिक 25 फरवरी को परिसर स्थित प्रिंसिपल कार्यालय को सील कर प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया था कि अगला कदम और कड़ा होगा. इसके बावजूद संतोषजनक भुगतान नहीं हुआ. सहायक राजस्व अधिकारी अखिलेश मालवीय ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई है. निगम अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कर बकाया रहने पर संपत्ति को सील करने का अधिकार प्रशासन को है. यह कार्रवाई शहर में कर वसूली के लिहाज से बड़ी मानी जा रही है. निगम अधिकारियों का कहना है कि अन्य बकायादारों की सूची भी तैयार की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर इसी तरह की कार्रवाई आगे भी की जाएगी.

दुकानदारों पर असर, प्रबंधन पर दबाव
दुकानों के सील होने से वहां व्यापार करने वाले छोटे व्यवसायियों पर सीधा असर पड़ा है. कई दुकानदारों का कहना है कि वे किरायेदार हैं और कर भुगतान की जिम्मेदारी प्रबंधन की है. अचानक हुई कार्रवाई से उनकी रोजमर्रा की आय प्रभावित हुई है. दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन पर बकाया राशि जल्द जमा करने का दबाव बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों से आय अर्जित करने की स्थिति में कर भुगतान को लेकर पारदर्शिता जरूरी है. यदि संस्थान समय पर कर नहीं चुकाते तो स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था प्रभावित होती है.

शहर में सख्ती का संदेश
नगर निगम की इस कार्रवाई को राजस्व अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. हाल के महीनों में निगम ने कई बड़े बकायादारों पर कार्रवाई की है. प्रशासन का कहना है कि कर संग्रह से ही शहर के विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट सुनिश्चित होता है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा होते ही नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. फिलहाल यह कार्रवाई अन्य संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों के लिए चेतावनी के रूप में देखी जा रही है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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