रिंकू सिंह का वो फैसला, जिसके चलते अधूरी रह गई पिता की आखिरी ख्वाहिश

रिंकू सिंह का वो फैसला, जिसके चलते अधूरी रह गई पिता की आखिरी ख्वाहिश


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रिंकू सिंह का वो फैसला, जिसके चलते अधूरी रह गई पिता की आखिरी ख्वाहिश

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Rinku Singh Father Death Cancer: रिंकू सिंह की कामयाबी में उनका रोल उनकी कड़ी मेहनत का था, उतना ही संघर्ष पिता खानचंद्र सिंह का भी था. ग्रेटर नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में फोर्थ स्टेज के लीवर कैंसर से खानचंद्र सिंह जंग हार गए, लेकिन दुनिया छोड़ने से पहले उनकी एक ख्वाहिश अधूरी ही रह गई.

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Rinku Singh Father Death

अलीगढ़: जिस घर में चंद महीने बाद खुशियां आनी थी, वहां मातम पसर चुका है. हंसी-ठहाकों से जो घर गूंजने वाला था, वहां लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. वर्ल्ड कप खेल रहे रिंकू सिंह जब अचानक भारतीय टीम का साथ छोड़कर भागे-भागे अपने परिवार के पास पहुंचे तब जाकर दुनिया को पता लगा कि उनके साथ भगवान ने कितना ‘भद्दा मजाक’ किया है. चंद दिन पहले ही पता लगा कि रिंकू के पिता खानचंद्र सिंह को फोर्थ स्टेज का लिवर कैंसर है और अब उनके मौत की खबर आ गई. रिंकू के पिता कैंसर की जंग हार गए. वेंटिलेटर पर वह अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

रिंकू के पिता की अधूर ख्वाहिश
एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले रिंकू सिंह ने बचपन में कड़ा संघर्ष देखा है. पिता अलीगढ़ में सिलेंडर डिलिवरी किया करते थे. कड़ी मेहनत से अपने तीन बच्चों को पालते थे. रिंकू को भी कोई छोटा-मोटा काम करने कहते, लेकिन बेटे को तो क्रिकेटर बनने की जिद्द सवार थी. कड़ी मेहनत के दम पर रिंकू ने इंडियन टीम तक का रास्ता पूरा किया. रिंकू ने अपने माता-पिता का हर सपना पूरा किया, लेकिन रिंकू अपने पिता की इच्छा पूरी नहीं कर पाए. पिता खानचंद्र चाहते थे कि वह रिंकू को सेहरा बांधे देखे. रिंकू की बरात जाए और बहू घर घाए, लेकिन इससे पहले रिंकू की शादी हो पाती, उन्हें भगवान ने अपने पास बुला लिया.





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