भोपाल की जागरण लेक यूनिवर्सिटी के 48 छात्रों ने राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ स्थित कोटरा गांव का शैक्षिक दौरा किया। यह दौरा आजीविका मिशन और ग्रामीण पर्यटन बोर्ड के सहयोग से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। छात्रों ने इस दौरान गांव के होमस्टे, पहाड़, तालाब और गुफाओं का भ्रमण कर ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से समझा। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तन, जूट के उत्पाद और टेम्पो के निर्माण की प्रक्रिया भी देखी। इस दौरे में छात्रों ने ग्रामीण भजन मंडली की प्रस्तुति देखी और स्थानीय ग्रामीणों के अनुभव सुने। उन्होंने पहाड़ी ट्रैकिंग की, करवटिया गुफा और शैल चित्रों का अवलोकन किया। साथ ही, बर्ड वॉचिंग और तालाब भ्रमण कर प्राकृतिक पर्यावरण और जीव-जंतुओं को नजदीक से जाना। छात्रों ने गांव के बच्चों के साथ गेड़ी और पारंपरिक खेलों में हिस्सा लेकर ग्रामीण संस्कृति का जीवंत अनुभव किया। इस शैक्षिक दौरे ने उन्हें जिम्मेदार पर्यटन (रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म) और पर्यावरण-पर्यटन (इको टूरिज्म) की गहरी समझ प्रदान की। भ्रमण का मार्गदर्शन डॉ. नफीस हैदर नकवी ने किया। इस दौरान प्रोफेसर परिक्षित शर्मा, प्रोफेसर ईशा, आशीष झा, एमपी टूरिज्म बोर्ड से दृष्टि सक्सेना, पूजा, जिला पंचायत से आशीष कौशिक, कोटरा पंचायत सरपंच रामकन्या कुशवाह, पर्यटन समिति अध्यक्ष केदार सिंह, सचिव सीताराम जी और अन्य ग्रामीणजन उपस्थित थे। आजीविका मिशन के प्रबंधक आशीष कौशिक ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से कोटरा गांव में होमस्टे बनाकर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने मिट्टी के बर्तन बनाना, ग्रामीण होमस्टे का संचालन, स्थानीय खेल और संस्कृति, बर्ड वॉचिंग जैसी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव किया। छात्रों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनके जीवन और संस्कृति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरे ने उन्हें न केवल शैक्षणिक ज्ञान दिया, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की महत्वपूर्ण सीख भी प्रदान की।
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