छतरपुर कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस: कुर्सी और सरकारी गाड़ी कुर्क करने की चेतावनी; जमीन विवाद के आदेश की अवहेलना पर जज सख्त – Chhatarpur (MP) News

छतरपुर कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस:  कुर्सी और सरकारी गाड़ी कुर्क करने की चेतावनी; जमीन विवाद के आदेश की अवहेलना पर जज सख्त – Chhatarpur (MP) News




छतरपुर जिला न्यायालय ने अदालती आदेश की अवहेलना करने पर कलेक्टर के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। व्यवहार न्यायाधीश दिव्यांशु गुप्ता ने एक जमीनी विवाद में कोर्ट के आदेश का पालन न करने पर छतरपुर कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट पूछा गया है कि आदेश की अनदेखी और असहयोग के चलते क्यों न कलेक्टर का शासकीय वाहन और उनके कार्यालय की कुर्सी कुर्क कर अवमानना की कार्यवाही की जाए। एडवोकेट वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव के मुताबिक, ग्राम बकायन स्थित 11.12 एकड़ भूमि का पट्टा वर्ष 1960 में दयाराम काछी को दिया गया था। 2012 तक रिकॉर्ड में नाम दर्ज रहने के बाद तहसीलदार ने इसे शासन के नाम दर्ज कर दिया। अपीलों के बाद 26 जुलाई 2019 को षष्टम अपर जिला न्यायाधीश ने फैसला पलटते हुए दयाराम के पुत्र दामोदर और गोविंद दास कुशवाहा को भूमि स्वामी माना और स्थायी स्टे दे दिया था। कमिश्नर के आदेश के बाद भी रिकॉर्ड में नहीं सुधरा नाम सागर संभाग के कमिश्नर (26 सितंबर 2022) और तहसीलदार (3 अक्टूबर 2023) के आदेशों में भी अपीलीय न्यायालय के निर्णय के अनुरूप राजस्व रिकॉर्ड (नामांतरण) दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आज तक रिकॉर्ड नहीं सुधारा गया। वादी पक्ष के आवेदन पर व्यवहार न्यायालय ने 31 जनवरी 2026 को कलेक्टर को दो सप्ताह में पालन प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया, लेकिन 19 और 28 फरवरी की पेशी तक प्रशासन ने कोई रिपोर्ट पेश नहीं की। कोर्ट बोला- आचरण निंदनीय, सुप्रीम कोर्ट की मंशा हो रही प्रभावित लगातार आदेशों की अनदेखी पर न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कलेक्टर की ओर से खुले तौर पर आदेश की अवहेलना की जा रही है, जो उनके पदेन कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही है और इससे प्रकरण का शीघ्र निराकरण नहीं हो पा रहा है। न्यायालय ने इसे निंदनीय मानते हुए पूछा है कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय अवमान अधिनियम, 1971 की धारा 12 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 210(बी) के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाए। अब 10 मार्च को प्रशासन के जवाब पर टिकीं निगाहें इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में कलेक्टर छतरपुर की ओर से नोटिस का जवाब देने के लिए न्यायालय ने अगली पेशी 10 मार्च 2026 तय की है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन की ओर से कोर्ट में क्या जवाब पेश किया जाता है और न्यायालय आगे क्या कड़ा रुख अपनाता है।



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