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Sanju Samson ने रविवार को यहां खेले गए सुपर आठ के मैच में 50 गेंदों में 97 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और चार छक्के शामिल हैं, उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई. सैमसन ने असल में अकेले दम पर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया.
संजू सैमसन
कोलकाता: भारत के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने फोन और सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए ताकि खराब फॉर्म के दौर में भी उनका आत्मविश्वास न डगमगाए और आखिर में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 विश्व कप के करो या मरो मैच में मैच विजेता पारी खेलकर लय हासिल कर ली. सुपर आठ के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से भारत की करारी हार के बाद इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को सलामी बल्लेबाजी के रूप में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था.
सैमसन ने रविवार को यहां भारत की पांच विकेट से जीत के बाद स्टार स्पोर्ट्स से कहा:
मैंने अपने शॉट चयन पर लगातार काम किया. मैं बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि मैंने उसी तरह से खेलते हुए पहले अच्छा प्रदर्शन किया है इसलिए मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर रहा और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी. मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसे मैच में अच्छा प्रदर्शन किया जो बहुत खास था.
संजू सैमसन ने टीम इंडिया के लिए रिकॉर्ड पारी
इस बीच संजू सैमसन को कप्तान सूर्यकुमार यादव (18) और तिलक वर्मा (27) का कुछ साथ मिला. संजू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस मैच में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. जब आप दबाव वाली परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो आप अलग-अलग विकल्प अपनाते हैं और जोखिम भरे विकल्पों पर विचार करने के बजाय अधिक बाउंड्री लगाते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में निराशाजनक प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए सैमसन ने अपनी तकनीक में किए गए बदलावों के बारे में बताया. उन्होंने कहा:
यह मानवीय प्रकृति है कि हम अक्सर नकारात्मक सोच से शुरुआत करते हैं, जैसे, ‘क्या मैं ऐसा कर सकता हूं. मुझे नहीं लगता कि मैं ऐसा कर सकता हूं. जब भी मेरे मन में ऐसे विचार आते हैं तो मैं उन्हें सकारात्मक विचार से बदलने की कोशिश करता हूं. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था, लेकिन चीजें मेरे अनुकूल नहीं रही. सौभाग्य से मुझे 10 दिन का समय मिल गया. मैंने आत्ममंथन किया. मैंने अपनी बुनियाद पर काम किया कि मैंने खुद को कैसे तैयार किया था. बहुत से लोगों ने सुझाव दिए मैंने खुद से कहा कि ‘संजू, तुमने इसी प्रारूप में तीन अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं.
संजू सैमसन ने मिले मौके को दोनों हाथों से लपका.
सैकड़ों लड़के भारत के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन मैं खुशकिस्मत
जब सैमसन से पूछा गया कि कोलकाता में खेली गई उनकी पारी उनके लिए क्या मायने रखती है, तो उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि वह उस सपने को जी रहे हैं जिसे उन्होंने बचपन से संजोकर रखा है. उन्होंने कहा, ‘भारत में सौ से ज्यादा क्रिकेटर ऐसे दिन का सपना देखते हैं. मैंने सपना देखने की हिम्मत की. केरल के त्रिवेंद्रम का एक युवा लड़का देश के लिए खेलने और इतने महत्वपूर्ण मैच में जीत हासिल करने का सपना देख रहा था. मैंने सपना देखने की हिम्मत की और यह सच हो गया.’
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अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. जबरदस्त स्ट्राइक रेट के साथ पिछले एक दशक से उनकी नाबाद पारी जारी है. अपनी ऑलराउंड क्षमता के…और पढ़ें