नई दिल्ली: आउट ऑफ फॉर्म चल रहे संजू सैमसन ने खुद के लिए क्या खूबसूरत दिन चुना! टी-20 वर्ल्ड कप में तब रन बनाए, जब भारत को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. खुद संजू को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद में 97 रन की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली. टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाया. अब चारों ओर संजू के नाम का डंका बज रहा है. कोलकाता के ईडन गार्डंस में भारत के सामने 196 रन का लक्ष्य था. संजू टीम के लिए ओपनिंग करने आए. भले ही एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन दूसरे एंड पर वह टिके रहे और तब तक डटे रहे, जब तक भारत को सेमीफाइनल में नहीं पहुंचा दिया.
माइंडसेट बदलकर संजू सैमसन को मिली सफलता
भारत को टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले संजू सैमसन ने रविवार को स्वीकार किया कि ‘अगर नहीं हुआ तो क्या होगा’ जैसे ख्याल उनके दिमाग में लगातार आते रहे, लेकिन उन्होंने हर गेंद पर फोकस करके बल्लेबाजी की. सैमसन ने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से कहा:
यह सवाल तो हमेशा चल रहा था कि अगर नहीं हुआ तो क्या होगा, लेकिन जब भी वह ख्याल आता था तो मैं खुद को वर्तमान में ले आता और गेंद को देखकर, खुद पर भरोसा रखकर खेलता रहा.
धोनी-विराट से सीखा रन चेज करना
मैच में संजू सैमसन ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, इस दौरान उन्होंने विराट कोहली को भी पछाड़ा. दरअसल, अब सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए रन चेज में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2022 में नाबाद 82 रन बनाए थे. मैच के बाद संजू ने कहा कि उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और एमएस धोनी से लक्ष्य का पीछा करना सीखा है. बकौल संजू, ‘मैं लंबे समय से यह प्रारूप खेल रहा हूं. 10-12 साल से आईपीएल और एक दशक से देश के लिए खेल रहा हूं. प्लेइंग इलेवन में नहीं रहने पर भी डगआउट से देखकर विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों से सीखा है. यह मेरे करियर के सबसे बड़े दिनों में से एक है. मेरे लिए यह सब कुछ है, जिस दिन से खेलना शुरू किया, देश के लिए खेलने का सपना देखा था. मुझे इसी दिन का इंतजार था.
संजू सैमसन की वर्ल्ड कप में पारियां
| रन | VS | राउंड |
| 50 गेंद में 97 रन* | वेस्टइंडीज | सुपर-8 |
| 15 गेंद में 24 रन | जिम्बाब्वे | सुपर-8 |
| मैच नहीं खेले | साउथ अफ्रीका | सुपर-8 |
| मैच नहीं खेले | नीदरलैंड्स | ग्रुप स्टेज |
| मैच नहीं खेले | पाकिस्तान | ग्रुप स्टेज |
| आठ गेंद में 22 रन | नामीबिया | ग्रुप स्टेज |
| मैच नहीं खेले | यूएसए | ग्रुप स्टेज |
भारत छठी बार सेमीफाइनल में, इंग्लैंड से पांच मार्च को टक्कर
इस जीत के साथ ही टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच गई और वेस्टइंडीज का बोरिया बिस्तर बंध गया. अब सेमीफाइनल की चारों टीम भी तय हो चुकी है. पहला सेमीफाइनल कोलकाता में चार मार्च को खेला जाएगा, इसमें न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका की टक्कर होगी. दूसरा सेमीफाइनल पांच मार्च को भारत-इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा. ये मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा. 2007, 2014, 2016, 2022, 2024 के बाद अब 2026 में सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद टीम इंडिया अपना छठा नॉकआउट मैच खेलने के लिए तैयार है. भारत के अलावा पाकिस्तान और इंग्लैंड अन्य टीमें हैं जो छह संस्करणों में सेमीफाइनल में पहुंची हैं.
भारत का टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का सफर
| VS | जीत | हार |
| यूएसए | 29 रन | |
| नामीबिया | 93 रन | |
| पाकिस्तान | 61 रन | |
| नीदरलैंड्स | 17 रन | |
| साउथ अफ्रीका | 76 रन | |
| जिम्बाब्वे | 72 रन | |
| वेस्टइंडीज | पांच विकेट |
कमबैक की कहानी दुनिया याद रखेगी
विनिंग शॉट लगाते ही संजू ईडन गार्डन्स में घुटनों के बल बैठ गए. हेलमेट निकालकर मैदान पर फेंका और बाहें ऊपर उठाते हुए चुपचाप अपने भगवान को याद किया. नम आंखों से टपकते पसीने में भीगी आंखों से संजू अपनी प्रार्थना कर रहे थे. आखिरी ओवर की पहली दो गेंदों पर लगाए छक्के और फिर चौके से वह 97 रन तक पहुंचे थे, वो तो लक्ष्य कम पड़ गया वरना ‘चेट्टा’ का शतक भी तय था. कई ऐतिहासिक पलों के गवाह रहे ईडन गार्डंस पर सैमसन की पारी को उनके शानदार स्ट्रोकप्ले, दबाव में अटूट धैर्य के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. संजू एक दशक से टीम इंडिया में अंदर-बाहर हो रहे हैं. अक्सर अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाते. ईशान किशन की वापसी के बाद संजू सैमसन की मुश्किलें बढ़ रही थी.
बदकिस्मत क्रिकेटर से कैसे गेम चेंजर बने संजू?
यूएसए के खिलाफ पहले मैच में संजू को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला था. दूसरे मैच में नामीबिया के खिलाफ वह खेले, लेकिन आठ गेंद में 22 रन की तूफानी पारी खेलकर आउट हो गए. अभिषेक शर्मा की टीम में वापसी हुई तो संजू को फिर बेंच पर बैठना पड़ा. पाकिस्तान, नीदरलैंड्स के साथ ग्रुप स्टेज वाले मैच तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 के पहले मुकाबले में भी बाहर ही रहना पड़ा. बैटिंग ऑर्डर धराशायी हो रहा था तो भारतीय टीम मैनेजमेंट ने प्लान में बदलाव किया और संजू की बतौर ओपनर एक बार फिर वापसी हुई. जिम्बाब्वे के खिलाफ मौका मिलते ही संजू ने 15 गेंद में 24 रन बनाकर अभिषेक के साथ मिलकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और अब करो या मरो के मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद में नाबाद 98 रन बनाते हुए जीत का ऐसा जश्न मनाया, जो भारतीय फैंस के दिलों में हमेशा-हमेशा के लिए बस जाएगा.