एमपी में रोड नेटवर्क मास्टर प्लान में चिन्हित की गई सड़कों की डीपीआर लोक निर्माण विभाग ने सभी संभागों के मुख्य अभियंताओं से मांगी है। मुख्य अभियंताओं की यह जिम्मेदारी होगी कि संबंधित रोड का डीपीआर भेजने के पहले वे स्थल निरीक्षण करेंगे और इसकी एंट्री भी करेंगे। यह डीपीआर भारत सरकार और रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के आधार पर तैयार होगी। दूसरी ओर, विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन कामों को मजबूतीकरण कैटेगरी में शामिल किया गया है। उन कामों की हर सोमवार को समीक्षा की जाएगी। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग की ऐसी सड़कों की डीपीआर 15 मार्च तक मांगी गई है, जो सड़कें रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के अंतर्गत चयनित की गई हैं। इन सड़कों के उन्नयन, मजबूतीकरण एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी किया है। प्रमुख अभियंता ने कहा है कि इस मास्टर प्लान में जिन सड़कों का चयन किया गया है, उनमें वर्तमान में परफॉर्मेंस गारंटी वाली अवधि के अंतर्गत आने वाली सड़कों को भी आवश्यकता अनुसार प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा। सभी डीपीआर भारत सरकार एवं केंद्रीय भूतल परिवहन और सड़क मंत्रालय की गाइडलाइन तथा IRC (इंडियन रोड कांग्रेस) कोड्स के अनुरूप तैयार किए जाएं। डीपीआर में इसका रखना होगा विशेष ध्यान नवाचार आधारित निर्माण पर जोर विभाग ने डीपीआर में ग्रीन तकनीकों, प्लास्टिक मिश्रित बिटुमिंस निर्माण, फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) जैसी आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि गुणवत्ता में सुधार और लागत में कमी लाई जा सके। हर प्रस्ताव के साथ SFC/EFC/PSC के लिए निर्धारित प्रपत्र, आवश्यक प्रेजेंटेशन (PPT), मानचित्र, L-Section, Cross-Section और अन्य तकनीकी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। मुख्य अभियंता करेंगे स्थल निरीक्षण प्रमुख अभियंता ने कहा है कि संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा हर डीपीआर का स्थल निरीक्षण कर यह प्रमाणित किया जाएगा कि प्रस्ताव MoRTH एवं IRC मानकों के अनुरूप है और एलाइनमेंट का परीक्षण PM GatiShakti पोर्टल पर किया जा चुका है। साथ ही कार्य की वास्तविक आवश्यकता एवं लागत का परीक्षण भी किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावों की क्वालिटी, समय पर प्रस्तुति एवं तकनीकी शुद्धता के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। निर्धारित मानकों के विपरीत या विलंब से प्राप्त डीपीआर के मामलों में जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के कामों की हर माह होगी समीक्षा प्रमुख अभियंता ने एक अन्य निर्देश में सभी मुख्य अभियंताओं से कहा है कि विभाग के मजबूतीकरण कैटेगरी वाले कामों को 30 अप्रैल तक पूरा किया जाना है। इसके लिए साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। यह समीक्षा हर सोमवार को की जाएगी। इसके लिए डब्ल्यूएमएस सॉफ्टवेयर में एक मॉड्यूल भी विकसित किया गया है। जिसमें संबंधित कार्यपालन यंत्री द्वारा हर काम की अपडेट रिपोर्ट की एंट्री की जाएगी। किसी भी तरह की देरी की स्थिति में तत्काल निराकरण की कार्रवाई पर फोकस किया जाएगा। इसमें लापरवाही पर एक्शन लेने में भी देर नहीं की जाएगी।
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