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Ghewar Sweet: एमपी के इंदौर में होली का त्योहार रंगों और ठंडाई से ज्यादा, घीयर की मिठास से पूरा होता है. फागुन के आते ही शहर भर में घीयर की अस्थाई दुकानें सज जाती हैं, जो चाशनी से लथपथ, कुरकुरे और जालीदार होते हैं. यह पारंपरिक मिठाई, खासकर सिंधी समाज द्वारा बनाई जाती है और होली की सुबह मेहमानों को खिलाई जाती है.
Ghewar Sweet: होली का त्योहार केवल रंग उल्लास और धूम धड़ाके का होता है बल्कि मिठास काफी इसमें उतना ही महत्व है. इंदौर में होली का मतलब सिर्फ रंग-गुलाल और ठंडाई नहीं है, यहां की होली तब तक पूरी नहीं होती, जब तक में चाशनी से लथपथ, जालीदार और कुरकुरा घीयर न खा लिया जाए, जैसे ही फागुन की शुरुआत होती है पल्सीकर से लेकर सराफा तक आपको घीयर की अस्थाई दुकानें दिखने लगती हैं. उसकी खुशबू और सुंदरता आपको दूर से ही खींच लाती है.
घीयर असल में मैदा, घी और केसरिया चाशनी का एक ऐसा संगम है, जिसे सिंधी समाज के लोगों को महारत हासिल है. दशकों से घीयर की दुकान लगा रहे कपिल बजाज ने बताया कि इसे खासतौर पर बहन बेटियों को उपहार स्वरूप दिया जाता है. होली की सुबह जब घर पर मेहमान आते हैं, तो समोसे-कचौड़ी के बाद घीयर खिलाया जाता है. इसकी इतनी डिमांड होती है कि कई बार ग्राहकों को गरम गरम बनते हुए घीयर लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है. राजस्थानी घेवर की तरह दिखने वाला घीयर केसरिया रंग में दूर से ही चमकता है.
कैसे बनाते हैं कुरकुरा घीयर
बेसन और मैदे के घोल से बनी बारीक बारीक धारियों को लकड़ी के सांचे में घी के ऊपर हाथ से डालकर बनाया जाता है. जब यह तल जाता है उसके बाद इतनी पतली धारियां एक जाली नुमा आकार बना देती हैं फिर इसमें खुशबूदार केसरिया चासनी डूबाकर भरी जाती है. उसके बाद ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग के साथ इसे खाया जाता है. इंदौर में विशेषतौर पर ओल्ड जीडीसी कॉलेज के सामने होली के दौरान मेले जैसा माहौल नज़र आता है जब कई दुकानें यहां घीयर, लाहौरी हलवा और मावे वाला समोसा एवं पेटीस के लिए ही लगती हैं. होली पर 10-15 दिन पहले ही आपको बड़े बड़े कढ़ाव में इंदौर में दुकानदार घीयर बनाते हुए दिख जाएंगे. एक तरफ जहां होली पर गुजिया की भारी डिमांड रहती है. वहीं, दूसरी तरफ इंदौर में घीयर होली की मिठास को दोगुना कर देता है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें