जीरो डाउन पेमेंट पर कार खरीदना कितने फायदे का सौदा? सच्चाई जान लीजिए, गाढ़ी कमाई बच जाएगी

जीरो डाउन पेमेंट पर कार खरीदना कितने फायदे का सौदा? सच्चाई जान लीजिए, गाढ़ी कमाई बच जाएगी


आज के दौर में अपनी पसंदीदा कार घर लाना काफी आसान हो गया है. कार कंपनियां और बैंक ग्राहकों को लुभाने के लिए ‘जीरो डाउन पेमेंट‘ स्कीम पेश करते हैं। इसका सीधा मतलब है कि आपको कार की शुरुआती कीमत या बुकिंग अमाउंट के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया नहीं देना होता और पूरी रकम बैंक द्वारा फाइनेंस कर दी जाती है.

ये स्कीम उन लोगों के लिए एक शानदार अवसर है जिनके पास तुरंत बड़ी बचत उपलब्ध नहीं है, लेकिन उनकी मासिक आय अच्छी है. हालांकि, ये जितना आकर्षक दिखता है, उतना है नहीं. इसके पीछे कुछ गणित और शर्तें भी छिपी होती हैं. क्या जीरो डाउन पेमेंट पर गाड़ी खरीदना एक बेहतर ऑप्शन है, या फिर ये सौदा महंगा पड़ सकता? आइए, जानने की कोशिश करते हैं.

जीरो डाउन पेमेंट स्कीम के फायदे

  • बचत सुरक्षित रहती है: आपको अपनी जमा-पूंजी या इमरजेंसी फंड को कार खरीदने में खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती.
  • तुरंत डिलीवरी: डाउन पेमेंट जुटाने के लिए महीनों या सालों का इंतजार नहीं करना पड़ता. आप तुरंत शोरूम जाकर कार फाइनेंस करा सकते हैं.
  • लिक्विडिटी बनी रहती है: जो पैसा आप डाउन पेमेंट में देते, उसे आप कहीं और निवेश कर सकते हैं या अपनी अन्य जरूरतों के लिए बचाकर रख सकते हैं.

क्या हैं इसके छिपे हुए पेंच?

सिक्के का दूसरा पहलू ये है कि इस स्कीम में कुछ अतिरिक्त बोझ भी आते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है. आइए, इन पर भी एक-एक करके नजर डालते हैं-

ज्यादा ब्याज जाएगा

अक्सर जीरो डाउन पेमेंट लोन पर बैंक सामान्य लोन की तुलना में 0.5% से 2% तक अधिक ब्याज वसूलते हैं.

बड़ी ईएमआई (EMI)

चूंकि आप कार की पूरी कीमत लोन पर ले रहे हैं, इसलिए आपकी मासिक किस्त (EMI) सामान्य लोन के मुकाबले काफी ज्यादा होगी.

प्रोसेसिंग फीस और टैक्स

कई बार बैंक ‘जीरो डाउन पेमेंट’ के नाम पर फाइल चार्ज या प्रोसेसिंग फीस ज्यादा लेते हैं. इसके अलावा, रोड टैक्स और इंश्योरेंस की रकम आपको कैश में देनी पड़ सकती है, जिसे बैंक ‘प्योर 100% ऑन-रोड’ फाइनेंसिंग में कवर नहीं करते.

हिडेन चार्ज से बचने के स्मार्ट टिप्स

अगर आप इस स्कीम को चुनने का मन बना चुके हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-

  • ऑन-रोड vs एक्स-शोरूम: स्पष्ट करें कि लोन कार की ‘एक्स-शोरूम’ कीमत पर है या ‘ऑन-रोड’ कीमत पर मिल रहा है. कोशिश करें कि रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस भी लोन में शामिल हों.
  • फिक्स्ड vs फ्लोटिंग रेट: हमेशा चेक करें कि ब्याज दर स्थिर (Fixed) है या बदलती रहने वाली (Floating) है.
  • फोरक्लोजर चार्जेज: भविष्य में यदि आप समय से पहले लोन चुकाना चाहें, तो बैंक कितना जुर्माना लेगा? ये पहले ही एग्रीमेंट में देख लें.
  • क्रेडिट स्कोर: आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर जितना अच्छा होगा, आपको ब्याज दरों में उतनी ही छूट मिल सकती है.

हमारी सलाह: जीरो डाउन पेमेंट स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है, जिनकी कैश-फ्लो स्थिति मजबूत है लेकिन गाड़ी खरीदते समय उन्होंने एकमुश्त पैसा नहीं जुटा पाया है. हालांकि, लंबे समय में आप ब्याज के रूप में अधिक भुगतान करते हैं.इसलिए, डील साइन करने से पहले फाइन प्रिंट यानी बारीक शर्तों को ध्यान से जरूर पढ़ें. संभव हो तो जितना हो सके डाउन पेमेंट करके आप भविष्य के लिए लोन और ब्याज कम कर लें.



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