दतिया में चल रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के दौरान मंगलवार शाम किला चौक पर उस समय हंगामा हो गया, जब टीकाकरण कराकर लौट रही एक आशा कार्यकर्ता के साथ सरेआम मारपीट की गई। महिला ने आशा कार्यकर्ता पर बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 13 के भटियारा मोहल्ला निवासी आशा कार्यकर्ता महादेवी अहिरवार 12 वर्षीय बालिका को जिला अस्पताल में एचपीवी वैक्सीन लगवाने ले गई थीं। बताया गया है कि बच्ची की मां सीमा यादव की सहमति से ही उसे अस्पताल ले जाया गया था। टीकाकरण के बाद, जब महादेवी अहिरवार बच्ची को लेकर वापस लौट रही थीं, तभी किला चौक पर बच्ची की दादी सुमन यादव ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दादी ने आशा कार्यकर्ता पर बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर शांत कराया। शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट का मामला दर्ज घटना से आक्रोशित आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित हुईं और सामूहिक रूप से कोतवाली थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। आशा कार्यकर्ता महादेवी अहिरवार ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। वहीं, बच्ची की दादी की ओर से भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन दिनों 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड से कम से कम दो बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है और टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया अभिभावकों की सहमति से ही की जा रही है।
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