बालाघाट में जिला पंचायत सीईओ की कार्यप्रणाली के विरोध में 2 मार्च से चल रही पंचायतकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को स्थगित कर दी गई। यह निर्णय कलेक्टर मृणाल मीणा के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद लिया गया। पंचायतकर्मियों ने भरोसा जताया है कि जिला पंचायत सीईओ द्वारा पूर्व की तरह कार्यप्रणाली की पुनरावृत्ति नहीं होगी। दरअसल, पंचायतकर्मी जिला पंचायत सीईओ पर नियमों के विपरीत काम का दबाव बनाने, रोक के बावजूद स्थानांतरण करने, देर शाम तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) लेने और वीसी में असंयमित भाषा का उपयोग करने का आरोप लगा रहे थे। इन मुद्दों को लेकर जिले के पंचायत सीईओ से लेकर जीआरएस तक हड़ताल पर चले गए थे, जिससे पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था ठप हो गई थी। हड़ताल को लंबा खिंचने से रोकने के लिए, कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार को पहल की। उन्होंने पंचायतकर्मियों के संयुक्त मोर्चा प्रतिनिधिमंडल और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ को एक साथ बैठाया। इस दौरान, उन्होंने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के उपरांत कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं का समाधान हो जाने पर उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही। भरोसे पर हड़ताल स्थगित पंचायत सचिव संगठन अध्यक्ष जितेंद्र चित्रिव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मांगों पर सकारात्मक चर्चा और उनके निराकरण के भरोसे के साथ हड़ताल स्थगित की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
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