पब्लिक टॉयलेट, अस्पताल और पक्की सड़कें…छतरपुर का ऐसा गांव जिसके आगे महानगर भी फेल!

पब्लिक टॉयलेट, अस्पताल और पक्की सड़कें…छतरपुर का ऐसा गांव जिसके आगे महानगर भी फेल!


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Chhatarpur Modern Village: छतरपुर जिले के लवकुश नगर जनपद का भड़ार गांव शहर जैसी सुविधाओं के लिए चर्चा में है. गांव में अस्पताल, पशु चिकित्सालय, 24 घंटे खुला सार्वजनिक शौचालय और पक्की सड़कें मौजूद हैं. स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने सामुदायिक शौचालय में महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग व्यवस्था है. सरपंच प्रेमबाई मिश्रा के प्रयासों से गांव में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं. जानिए इस मॉडल गांव की जमीनी हकीकत और लोगों की राय.

Bhadar Village Chhatarpur: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुश नगर जनपद के अंतर्गत आने वाला भड़ार गांव इन दिनों चर्चा में है. वजह साफ है यहां गांव में वो सुविधाएं मिल रही हैं, जो आमतौर पर शहरों में देखने को मिलती हैं. पब्लिक टॉयलेट, अस्पताल, आंगनवाड़ी, स्कूल, नया पंचायत भवन और पक्की सड़कें… और खास बात ये कि ये सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखती हैं.

गांव में ही मिल रहा इलाज
गांव के निवासी अज्जू कुशवाहा बताते हैं कि यहां उप-स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर और नर्स नियमित आते हैं. दवा भी यहीं मिल जाती है. अगर शहर जाना पड़े तो आने-जाने में ही 100 रुपये खर्च हो जाते, ऊपर से दवा का अलग खर्च. लेकिन गांव में ही इलाज हो जाने से लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है. यहां पशु अस्पताल भी रोज खुलता है. कई बार डॉक्टर खुद घर पहुंचकर इलाज कर देते हैं.

बच्चों की पढ़ाई भी मजबूत
स्थानीय निवासी पंकज मिश्रा कहते हैं कि भले ही गांव में 12वीं तक स्कूल नहीं है, लेकिन 8वीं तक की पढ़ाई यहीं होती है और बच्चों का बेस मजबूत होता है. इसके बाद बच्चे शहर जाकर पढ़ते हैं तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं आती. गांव में शौचालय की व्यवस्था भी बेहतर है, जिससे साफ-सफाई बनी रहती है.

24 घंटे खुला सार्वजनिक शौचालय
ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक राम मिलन राजपूत बताते हैं कि 2021-22 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय बनवाया गया. इसमें महिला, पुरुष और दिव्यांग तीनों के लिए अलग व्यवस्था है. पानी की सुविधा के साथ यह शौचालय 24 घंटे खुला रहता है.

सरपंच की मेहनत लाई रंग
राममिलन के मुताबिक गांव का विकास सरपंच श्रीमती प्रेमबाई मिश्रा के प्रयासों का नतीजा है. वे खुद स्कूल और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण करती हैं और विभागों से लगातार संपर्क में रहती हैं ताकि विकास कार्य न रुके.

शहर नहीं, गांव में ही सुविधा
भड़ार गांव यह साबित कर रहा है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो गांव भी शहर जैसी सुविधाओं से लैस हो सकते हैं. यहां के लोग संतुष्ट हैं और यही इस विकास की असली पहचान है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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