परफार्मेंस और रिजल्ट देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे फील्ड में: सीएम ने कहा- शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, विश्व विद्यालय परिसरों का करें आकस्मिक निरीक्षण – Bhopal News

परफार्मेंस और रिजल्ट देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे फील्ड में:  सीएम ने कहा- शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, विश्व विद्यालय परिसरों का करें आकस्मिक निरीक्षण – Bhopal News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों के तबादले से पहले साफ कहा है कि अब 16 मार्च तक जिला स्तर पर शिविर लगााकर लोगों की समस्या का निराकरण करना होगा। विकास और जनकल्याण की गतिविधियों की कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग करें। इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और रिजल्ट देंगे वे ही फील्ड में पदस्थ रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा। होली के दूसरे दिन गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कलेक्टरों के साथ बैठक करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, यह कलेक्टर ध्यान रखें। कलेक्टर रजिस्टर्ड किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें। गेहूं की खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगी और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक की जाएगी। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे। खाड़ी के देशों में रहने वाले जिले के नागरिकों की खबर लेते रहें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भ्रम फैलाने वाली जानकारी का तत्काल खंडन करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। समय से दफ्तर नहीं आए तो छह दिन कार्यालय लगेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी तय करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य अनुराग जैन अवकाश पर मुख्य सचिव अनुराग जैन इन दिनों अवकाश पर हैं। बताया जाता है कि पारिवारिक कारणों के चलते वे अवकाश पर गए हैं। उनके स्थान पर अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा को मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।



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