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मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा काफी तेज हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल से हटाकर दूसरे राज्यों का प्रभार सौंपा जा सकता है और उन्हें संगठन में काम करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है. जबकि युवा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.
कैलाश विजयवर्गीय
रिपोर्ट-शैलेंद्र सिंह/भोपाल
मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि कई दिग्गज मंत्री मंत्रिमंडल से बाहर हो सकते हैं. पिछले दिनों दिल्ली में आलाकमान से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुलाकात की थी. इसके बाद से ही राजनीतिक हल्कों में सरगर्मियां तेजी के साथ बढ़ी हैं. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि मंत्रिमंडल से कई दिग्गज मंत्रियों को हटाया जा सकता है और उन्हें राज्यों का प्रभारी बनाया जा सकता है. जबकि मंत्रिमंडल में कुछ नए और कुछ पुराने चेहरों को स्थान मिल सकता है. इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, दिलीप अहिरवार और राधा रवींद्र सिंह के मंत्री पद पर तलवार लटकती हुई दिखाई दे रही है.
कैलाश विजयवर्गीय
पिछले कुछ समय से कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं. इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद उन्होंने एक पत्रकार से बात करते हुए घंटा जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसको लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई थी. इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से बहस करते हुए उन्होंने औकात में रहने की बात कही थी. बाद में प्रदेश के भगोरिया उत्सव में भी दोनों के बीच जमकर तकरार हुई.
कैलाश विजयवर्गीय मध्य प्रदेश सरकार में अभी कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी है. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि उन्हें मंत्रिमंडल से हटाकर जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. वहां का प्रभारी बनाया जा सकता है.
प्रहलाद सिंह पटेल
प्रहलाद सिंह पटेल मध्य प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. वह कई बार सांसद रह चुके हैं और साल 2023 में बीजेपी ने नरसिंहपुर से उनके भाई का टिकट काटकर उन्हें विधायकी का चुनाव लड़वाया था. फिर मोहन सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री बने. उन्हें भी मंत्रिमंडल से हटाने की संभावना जताई जा रही है.
दिलीप अहिरवार चंदेला
दिलीप अहिरवार चंदेला विधानसभा से जीतकर विधायक बने थे. इसके बाद वह मध्य प्रदेश सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री बने थे. राधा रवींद्र सिंह साल 2023 में चितरंगी विधानसभा से जीतकर MLA बनी थीं. इसके बाद उन्हें पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. अब ये फैसला आखिरी में बीजेपी के नेतृत्व को तय करना है कि किसे मंत्रिमंडल में बनाए रखना है और किसे नहीं.