छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के मलका गांव में शुक्रवार को होली के रंग लगाने को लेकर बच्चों के बीच शुरू हुआ विवाद बड़ों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मलका गांव में होली के दौरान बच्चों के बीच रंग लगाने को लेकर कहासुनी हुई थी। यह विवाद जल्द ही बढ़ गया और दोनों पक्षों के बड़े लोग भी इसमें शामिल हो गए। कुछ ही देर में स्थिति हिंसक हो गई और दोनों तरफ से लाठी-डंडों से हमला किया गया। दोनों पक्षों के एक दर्जन लोग घायल
मारपीट में दोनों पक्षों के एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एक पक्ष की महिला राजकुमारी अहिरवार ने सरपंच और उसके बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि होली के दिन सरपंच और उसका बेटा उनके घर रंग खेलने आए थे। इस दौरान सरपंच ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने और उनकी बहू ने इसका विरोध किया। घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप
महिला का आरोप है कि विरोध करने पर सरपंच पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उनके परिवार पर हमला कर दिया और घर में घुसकर मारपीट की। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एक पक्ष के लोग घर के अंदर घुसकर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, सरपंच पक्ष ने दूसरे पक्ष पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लड़ाई बच्चों को रंग लगाने को लेकर हुई थी और अब छेड़छाड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि दो पक्षों में मारपीट हुई है। फिलहाल अभी एक पक्ष की रिपोर्ट पर 8 लोगों के खिलाफ रंजीत अहिरवार की ओर से भागीरथ, राजकुमार, राहुल, मनीष, छेदीलाल, पप्पू, मनोज, लच्छी अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बयान और जांच की जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।
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