झाबुआ जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। किसानों की बढ़ती सक्रियता और तकनीकी व्यस्तताओं को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जिला आपूर्ति अधिकारी संजय पाटिल ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की समय सीमा में विस्तार किया गया है। पूर्व में निर्धारित 7 मार्च की अंतिम तिथि को अब बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दिया गया है। जिले में 6 मार्च की शाम तक कुल 5,147 किसानों ने अपना पंजीयन सफलतापूर्वक दर्ज करा लिया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 5,230 पंजीयन के लगभग बराबर है। क्षेत्रीय स्तर पर इस बार कुछ केंद्रों ने अच्छी बढ़त हासिल की है। विशेष रूप से पेटलावद क्षेत्र के केंद्रों पर किसानों का रुझान सर्वाधिक देखा जा रहा है। सहकारी विपणन संस्था पेटलावद में अब तक 739 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जबकि रालपुरिया केंद्र 758 पंजीयन के साथ जिले में अग्रणी है। थांदला क्षेत्र से भी उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। यहां पिछले वर्ष की तुलना में पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया है। पिछले साल थांदला विपणन संस्था में 195 पंजीयन हुए थे, जो इस बार बढ़कर 308 तक पहुंच गए हैं। राणापुर, राजला, पारा और कालीदेवी जैसी आदिम जाति सेवा सहकारी संस्थाओं में भी कार्य सुचारू रूप से जारी है। प्रशासन ने जिले भर में कुल 18 केंद्र स्थापित किए हैं, जहां किसान भौतिक रूप से या ऑनलाइन माध्यमों से अपना पंजीयन करा रहे हैं। हालांकि, बामनिया और सारंगी जैसे कुछ केंद्रों पर पिछले साल के मुकाबले पंजीयन की गति थोड़ी धीमी रही है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने सभी कृषकों से अपील की है कि वे बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाकर 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन करा लें।
Source link