मंडला के कान्हा नेशनल पार्क से 8 बारहसिंगा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजे गए हैं। शनिवार को इन्हें सरही परिक्षेत्र के सौंफ मैदान से विशेष वाहन द्वारा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना किया गया। कान्हा से सतपुड़ा में बारहसिंगा के स्थानांतरण का यह नवीनतम चरण है। इससे पहले भी कान्हा से 127 बारहसिंगा सतपुड़ा भेजे जा चुके हैं। बारहसिंगा विश्व की अति संकटग्रस्त प्रजातियों में से एक है। एक समय ऐसा था जब कड़ी भूमि (हार्ड ग्राउंड) के बारहसिंगा केवल कान्हा नेशनल पार्क में ही बचे थे। 1970 के दशक की गणना के अनुसार, कान्हा में इनकी संख्या घटकर मात्र 66 रह गई थी और ये केवल कान्हा के घास के मैदानों तक ही सीमित थे। इसके बाद वन विभाग ने बारहसिंगा के संरक्षण पर गंभीरता से कार्य करना शुरू किया। संरक्षण प्रयासों के तहत वन ग्रामों का विस्थापन किया गया और प्राप्त भूमि को घास के मैदानों में बदला गया। जल विकास के लिए तालाब और एनीकट का निर्माण किया गया। अवैध शिकार से सुरक्षा, निरंतर निगरानी और घास के मैदानों (आवास स्थलों) के लगातार विकास जैसे उपायों से बारहसिंगा की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि हुई। बारहसिंगा की आबादी 1000 के पास इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, कान्हा में बारहसिंगा की आबादी 1000 के आंकड़े तक पहुंच गई। इस प्रजाति के विलुप्त होने की आशंका को देखते हुए, इनके बचाव और अन्य क्षेत्रों में आबादी स्थापित करने के उद्देश्य से 2015 में एक कार्ययोजना बनाई गई। इसी योजना के तहत कान्हा से बारहसिंगा का ट्रांसलोकेशन किया जा रहा है। अब तक कान्हा से बारहसिंगा को बांधवगढ़, सतपुड़ा और वन विहार जैसे अन्य पार्कों में स्थानांतरित किया जा चुका है। इसके पूर्व बांधवगढ़ में कुल 48 बारहसिंगा स्थानांतरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, कान्हा से लगभग 7 बारहसिंगा वन विहार भी भेजे जा चुके हैं।
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